उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के रमियाबेहड़ ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय मझरा पूरब के सहायक अध्यापक को सोशल मीडिया पर धार्मिक ग्रंथों, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना महंगा पड़ गया। नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी(बीएसए) बुद्धप्रिय सिंह ने आरोपी सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही धौरहरा के बीईओ उपेंद्र सिंह को मामले में जांच अधिकारी नामित करते हुए जांच आख्या भी मांगी है। रमियाबेहड़ के उच्च प्राथमिक विद्यालय मझरा पूरब के सहायक अध्यापक सर्वेश कुमार वर्मा ने अपने फेसबुक अकाउंट के माध्यम से धार्मिक ग्रंथों, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
इस मामले की शिकायत होने पर बीएसए ने बीते सात अप्रैल को आरोपी शिक्षक को नोटिस जारी कर 10 अप्रैल तक जवाब मांगा था। इसके बाद आरोपी शिक्षक ने बीएसए के व्हाट्सएप पर स्पष्टीकरण दिया था। बीएसए ने जवाब को असंतोषजनक और तथ्यहीन पाया।
शिक्षक के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का दोषी मानते हुए कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लघंन में निलंबित कर दिया है।