आंवला। दोपहर तीन बजे के बाद अस्पताल का हाल-
आंवला। मौसम में बदलाव से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। ओपीडी में रोजाना 300 के आसपास मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं, लेकिन अस्पताल में चिकित्सा स्टाफ और संसाधनों की भारी कमी मरीजों के इलाज में आड़े आ रही है।
अस्पताल में सिर्फ दो डॉक्टरों की तैनाती हैं। इनमें भी प्रभारी एक डॉक्टर पर यहां के अतिरिक्त रामनगर पीएचसी का भी चार्ज है। अन्य विभागीय कार्यों के चलते वर्तमान में एक ही डाॅक्टर की सेवा मरीजों को मिल पा रही है। ऐसे में अक्सर मरीजों को फार्मासिस्ट भी उपचारित करते मिलते हैं।
यहां मौजूद स्टाफ ने बताया कि प्रतिदिन करीब तीन सौ के आसपास मरीज इलाज के लिए आते हैं। इस समय सबसे ज्यादा खांसी, बुखार व सर्दी के मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा प्रतिदिन करीब क्षेत्र के 48 से ज्यादा कुत्ता काटने के मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक को दिखाने के लिए कतार में लगे मरीजों में कभी-कभार कहासुनी भी हो जाती है। ओपीडी सुबह नौ बजे से लेकर शाम चार बजे तक लगती है, लेकिन कई बार चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट ही मरीजों का इलाज करते हैं। बृहस्पतिवार को डॉक्टर के जाने के बाद सवा तीन बजे दोपहर में कई मरीज लौट गए। अस्पताल परिसर खाली दिखा। संवाद
खांसी के मरीजों की संख्या में इजाफा
अलीगंज। मझगवां सीएचसी व सूदनपुर पीएचसी पर खांसी, दाद-खाज, खुजली के मरीज करीब दस फीसदी ज्यादा आ रहे हैं। हालांकि बुखार के मरीजों की संख्या पहले की अपेक्षा काफी कम हुई है। मरीजों को ठंड से बचने के लिए चिकित्सक सलाह दे रहे हैं।
मझगवां सीएचसी प्रभारी सुशील कुमार गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में कुल 247 मरीज आए। इनमें 50 मरीज खांसी, 40 बुखार, 50 दाद-खाज खुजली, 10 डेंटल, 35 गर्भवती महिलाएं, 42 एंटी रैबीज, 18 टीबी की जांच व अन्य बीमारी के मरीज दवा व जांच कराने के आए। संवाद
रामनगर में कम हुई मरीजों की संख्या
रामनगर।
पीएचसी रामनगर पर मरीजों की संख्या पहले की अपेक्षा काफी कम हुई है। चूंकि यहां पर एक ही चिकित्सक पर यहां और आंवला में स्वास्थ्य केंद्र का प्रभार है। पीएचसी रामनगर में ओपीडी को लेकर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां हर रोज सौ से डेढ़ सौ मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें खांसी बुखार के साथ दाद खाज के भी हैं। इससे पूर्व ओपीडी में करीब 180-200 के लगभग मरीज पहुंचते थे। संवाद