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377 दिन बाद खुला कुतुबखाना मस्जिद का ताला

Tue, 07 Jun 2016 01:29 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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मुकद्दस रमजान शुरू होने से पहले सोमवार को 377 दिन बाद आखिरकार कुतुबखाना मस्जिद खुल र्गई। भारी पुलिस बल और अधिकारियों की मौजूदगी में मस्जिद का ताला खुलवा दिया गया। अजान के बाद पुरअमन माहौल में कुतुबखाना बाजार के लगभग सौ व्यापारियों ने जोहर की नमाज अदा की इमाम के विवाद को लेकर कुतुबखाना मस्जिद पिछले साल 25 मई को बंद हो गई थी। इसके बाद से मस्जिद में ताला पड़ गया और नमाज रुक गई। बात इतनी बढ़ी कि बरेलवी और देवबंदी एक दूसरे के खिलाफ सड़कों पर उतर आए।  पथराव हुआ और पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर दोनों पक्षों में समझौते को तमाम प्रयास हुए मामला नहीं सुलटा तो जिलाधिकारी ने इस मुद्दे को उत्तर प्रदेश सेंट्रल वक्फ बोर्ड को भेज दिया। वहां से तीन दिन पहले फैसला मस्जिद प्रबंधन की संस्था अजुंमन इस्लामियां के पक्ष में आया। 
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इसी निर्णय का अनुपालन कराने के लिए जिला प्रशासन ने दो दिन पहले ही फोर्स तैनात कर दिया था। सोमवार को मस्जिद का ताला खोलने से पहले फोर्स और बढ़ा दिया गया। इसके बाद एडीएम सिटी आलोक कुमार और एसपी सिटी समीर सौरभ की मौजूदगी में दोपहर 12.22 बजे मस्जिद का ताला खोला गया।  मस्जिद खुलने के बाद अंजुमन इस्लामियां के सचिव हुमायूं रियासत अपने कुछ साथियों के साथ मस्जिद में दाखिल हुए। मस्जिद की धुलाई सफाई के बाद अजान हुई। 1.30 बजे जोहर की पहली नमाज शाही जामा मस्जिद के इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने अदा कराई। इस दौरान मस्जिद के नियुक्त इमाम मौलाना फैसल तहसीनी भी मौजूद रहे।  शाम को 6.45 बजे असर और देर शाम 7.10 बजे मगरिब की नमाज अदा की गई। सोमवार की आखरी नमाज इशा रात 9.15 बजे अदा की गई और इसके बाद 9.30 बजे रमजान की विशेष नमाज तरावीह शुरू हुई। सचिव के अनुसार मंगलवार से मस्जिद में पांचों वक्त की नमाज होगी।  

गुम हो गई थी  चाभी
बरेली। कुतुबखाना मस्जिद के ताले की चाबी गुम हो गई थी। लिहाजा मस्जिद का ताला खुलवाने के लिए अधिकारियों ने पास से ही ताला चाबी के कारीगर को बुलवाया। जिसने ताला खोला तब लोग अंदर प्रवेश कर सके। 
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मौलाना फैसल होंगे इमाम  
बरेली। कुतुबखाना मस्जिद के इमाम मौलाना फैसल तहसीनी ही होंगे। मौलाना फैसल की नियुक्ति पिछले साल ही आरोपी इमाम मौलाना इम्तेयाज को हटाने के बाद कर दी गई थी। उन्हीं को अब भी बहाल रखा गया है। जब कि यहां रमजान में तरावीह पढ़ाने के लिए रामपुर से हाफिज अब्दुल हफीज को बुलाया गया है। 

व्यापारियों में खुशी की लहर  
बरेली। एक साल के बाद मस्जिद खुलने पर व्यापारियों में खुशी की लहर है। नमाज पढ़ कर बाहर निकले व्यापारियों ने कहा मस्जिद बंद होने से तो बाजार की रौनक ही चली गई थी। इसमें व्यापारी फैसल शमसी व ताजीम ने कहा कि बहुत अच्छा लगा आज मस्जिद में नमाज पढ़ कर, बड़ी दिल को राहत मिली। नमाज को लेकर कोई विवाद होना ही नहीं चाहिए। जो भी मस्जिद में नेक नियत से आए नमाज अदा करे। 
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