पीपीई किट कूड़ेदान में फेंकने पर बवाल- गुस्साए एंबुलेंस स्टाफ ने संक्रमितों को ले जाने से किया इनकार
बरेली। संक्रमित को कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती कराने पहुंचे एंबुलेंस कर्मियों और अस्पताल स्टाफ में पीपीई किट कूड़ेदान में फेंक देने पर जमकर बहस हुई। विवाद बढ़ने पर अस्पताल स्टाफ ने एंबुलेंस कर्मियों की पिटाई कर दी। इससे नाराज एंबुलेंस कर्मियों ने हड़ताल का एलान करते हुए संक्रमितों को अस्पताल ले जाने से इनकार कर दिया। अफसरों को जानकारी मिली तो उन्होंने आरोपी स्टाफ पर कार्रवाई का आश्वासन देकर हड़ताल खत्म कराई।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को संक्रमित मिले मरीजों को देर रात एंबुलेंस कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती कराने के लिए लेकर गई थी। ईएमटी कुलदीप वर्मा ने बताया कि भर्ती कराने के बाद एंबुलेंस स्टाफ ने पीपीई किट निकालकर कूड़ेदान में रख दी। इस पर गार्ड ने आपत्ति जताते हुए पीपीई किट साथ ले जाने को कहा। आरोप है कि इसे लेकर विवाद बढ़ा तो अस्पताल के गार्ड और अन्य स्टाफ ने एंबुलेंस कर्मियों से मारपीट की। साथियों से मारपीट की जानकारी मिलते ही एंबुलेंस कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। इससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सीडीओ चंद्रमोहन गर्ग ने अस्पताल प्रबंधन से बात की और दोषी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। सरकारी एंबुलेंस संचालन प्रभारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि मारपीट की सूचना थाने में देने समेत प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को भी बता दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिला है।