शादी वाले घर में 50 हजार की जरूरत पड़ी तो होने वाला दूल्हा हल्दी की रस्म के बाद सीधे डाकघर पहुंच गया। हल्दी से रंगे पुते कपड़ों में वह स्टाफ से बहुत देर तक खाते से 50 हजार निकालने की मनुहार करता रहा लेकिन रुपये नहीं निकले। भीड़ में बैंक से भी रुपये नहीं बदल पाए।
नकटिया मोहनपुर निवासी दिनेश कुमार के बेटे राहुल कुमार की शादी विशारतगंज की रेनू से तय हुई। शाम को बारात जानी है। बृहस्पतिवार को हल्दी की रस्म थी। बैंड वालों और बारात की गाड़ियों का किराया देने 50 हजार रुपये की जरूरत पड़ी। चिंता में डूबे राहुल हल्दी की रस्म के बाद डाकघर पहुंच गये। बोले- 22 हजार में बैंड तय है। द्वारचार से पहले पैसा देना है। हलवाई और बस वालों का किराया भी देना है। बैंक में भीड़ की वजह से रुपये नहीं बदले। पड़ोसी और रिश्तेदारों से उधार मांगे हैं। ईश्वर ही जाने, कैसे इज्जत बचेगी।