मिनी बाईपास पर चल रहे खुसरो अस्पताल का पंजीकरण मंगलवार को रद्द कर दिया गया है। अस्पताल में अब मरीज भर्ती नहीं हाेंगे। अगर ऐसा हुआ तो डॉक्टरों और मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अस्पताल में काफी बड़े स्तर की अनियमितताएं पाई गई हैं। भ्रूण हत्या मामले में भी स्वास्थ्य विभाग और मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है।
17 सितंबर को फतेहगंज पश्चिमी अगरास गांव के रामबाबू की गर्भवती पत्नी हीराकली को यहां भर्ती किया गया था। पति का आरोप है कि डॉक्टराें ने उसके इलाज में लापरवाही की। जबकि पंचनामा में गर्भपात का जिक्र है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्भाश्य फटने, अधिक स्त्राव से मौत बताई गई है। हीराकली का भ्रूण भी पोस्टमार्टम में नहीं मिला। इससे भ्रूण हत्या का शक और गहरा गया है। अमर उजाला ने मामले को गंभीरता से उठाया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी आलोक कुमार और कन्या भ्रूण हत्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित नेशनल इंस्पेक्शन एंड मॉनीटरिंग कमेटी लखनऊ की सदस्य डॉ. नीलम सिंह ने भी इस मामले पर डीएम पंकज यादव से जानकारी ली थी। जिसके बाद सिटी मजिस्टेट्र को जांच सौंपी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी जांच चल रही है।
सिर्फ एक डॉक्टर से चल रहा था अस्पताल!
खुसरो अस्पताल के जो दस्तावेज सीएमओ कार्यालय में जमा है उसके अनुसार केवल डॉ. सादिक बदूद सिद्दीकी ही यहां पंजीकृत हैं। इसके अलावा इनके पैनल में डॉ. दीपक कुमार, डॉ. चंद्र प्रभा, डॉ. वीरेंद्र प्रताप गंगवार, डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. रेनु चंद्रा, डॉ. बलविंदर सिंह, डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ कुमार का नाम शामिल है। जिनके कोई रिकार्ड अस्पताल की ओर से सीएमओ कार्यालय में जमा नहीं है। हीराकली का इलाज करने वाली डॉ. नीलम भी खुसरो अस्पताल के पैनल में नहीं है। ये ऑनकॉल आती हैं।
दिवाकर अस्पताल का भी पंजीकरण रद्द
मिनी बाईपास स्थित दिवाकर अस्पताल का पंजीकरण भी सीएमओ ने रद्द कर दिया है। यह अस्पताल बीडीए से पास नहीं है। पिछले दिनाें इसे गिराने के लिए बीडीए टीम जेसीबी के साथ पहुंची थी। लेकिन आईएमए टीम ने मरीज खाली होने की अनुमति मांगी थी। बीडीए की ओर से स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर इसका पंजीकरण रद्द करने की संस्तुति की गई थी। इस पर सीएमओ ने मुहर लगा दी है।
खुसरो अस्पताल में काफी अनियमितताएं पाई गई हैं। इसका पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। दिवाकर अस्पताल बीडीए से अप्र्रूव्ड नहीं है। इसलिए इनका पंजीकरण रद्द किया गया है। यहां मरीज भर्ती हुए तो एफआईआर होगी।
डॉ. विजय यादव, सीएमओ