फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kharmas 2023: 16 दिसंबर से खरमास, एक माह तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य, मकर संक्रांति से फिर गूंजेगी शहनाई

Fri, 08 Dec 2023 08:14 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

एक सप्ताह बाद शहनाई को शोर थम जाएगा। 16 दिसंबर से खरमास लग रहा है। इसके कारण एक महीने तक मांगलिक कार्य नहीं होंगे। मकर संक्रांति से फिर शहनाई गूंजेगी। 
विज्ञापन
खरमास। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इस माह की 16 दिसंबर से खरमास लग रहा है। सूर्य अपनी राशि बदलेगा, इसलिए मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। विवाह के शुभ मुहूर्त के लिए 15 जनवरी तक का इंतजार करना होगा। खरमास में मुंडन, जनेऊ या फिर कोई अन्य संस्कार करना शुभ नहीं माना जाता है।

विज्ञापन


बरेली के ज्योतिर्विद सौरभ शंखधर ने बताया कि 16 दिसंबर को शाम 3:58 बजे सूर्य वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन से ही खरमास लग जाएगा। धनु राशि में सूर्य 30 दिन तक रहेंगे। इसके बाद 15 जनवरी (मकर संक्रांति) को धनु राशि से निकलकर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन से शुभ कार्य फिर शुरू हो जाएंगे।

धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य देव जब गुरु की राशि धनु और मीन में प्रवेश करते हैं, तो वह अपने गुरु की सेवा में लग जाते हैं और उनका प्रभाव कम हो जाता है। इस समय कोई भी शुभ कार्य नहीं होता है। खरमास के कारण गुरु का बल भी कमजोर हो जाता है और शुभ कार्य के वक्त सूर्य और गुरु दोनों का ही शुभ स्थिति में होना जरूरी है। इस वजह से खरमास में कोई शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

विज्ञापन

विवाह के शुभ मुहूर्त
- जनवरी 2024 में 18, 20, 21, 22, 27, 28, 30 और 31
- फरवरी में 1, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 12, 13, 18, 19, 24, 25, 26 और 27
- मार्च में विवाह के 5 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं- 2, 4, 6, 7 और 11
- अप्रैल में 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25 और 26

खरमास में न करें ये कार्य
- विवाह व सगाई या फिर शादी से जुड़ा कोई भी कार्य।
- नए घर में प्रवेश।
- नए व्यापार की शुरुआत।
- मुंडन, जनेऊ या फिर कोई अन्य संस्कार।
विज्ञापन

यह करें
- रोजाना सुबह उठकर सूर्य की पूजा करें और अर्घ्य करें।
- जप, तप, दान आदि करने से आपके जीवन से सभी प्रकार के कष्ट समाप्त होते हैं।
- गाय, गुरु, ब्राह्मण और संन्यासियों की सेवा करनी चाहिए।
- इस महीने नदियों में स्नान का विशेष महत्व होता है।
- किसी पवित्र तीर्थस्थान की यात्रा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें