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खनन की लीला अपरंपार- गंगा किनारे तो घर-घर रेत का ‘व्यापार’

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बरेली। एक और सफेदपोश और खाकी के गठजोड़ से अवैध खनन नहीं थम रहा, वहीं बहती गंगा में ग्रामीण भी हाथ धोने में पीछे नहीं है। हाफिजगंज, नवाबगंज सहित कई इलाकों के पनघैली नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों ने बारिश शुरू होने से पहले से अवैध खनन करने बड़े पैमाने पर रेत का स्टॉक लगा लिया है। अब नदी में बाढ़ आने के बाद जब खनन बंद चुका है तो इस रेते को मनमाने रेट पर बेचा जा रहा है। तहसील स्तर पर गठित टास्क फोर्स भी इस पर शिकंजा कसने के लिए कोई एक्शन नहीं ले रही है।
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बहेड़ी में मोहम्मदपुर और टियूला में सैकड़ों घनमीटर किच्छा नदी से अवैध खनन पकड़े जाने के बड़े मामले भी कुछ नेताओं और अधिकारियों का शामिल होना सामने आया था। विधायक छत्रपाल सिंह और इंस्पेक्टर रहे धनंजय सिंह के बीच खींचतान काफी चर्चित रही। अवैध खनन कम खर्च में सोना देना वाला कारोबार होने की वजह से अफसर और नेता दोनों ही इस धंधे में लिप्तता आए दिन सामने आती रहती है। अवैध खनन के कारोबार में नेता और अधिकारियों के साथ नदी किनारे बसे गांवों के लोग भी पीछे नहीं है। बताते हैं कि हाफिजगंज के गांव सबापुर में करीब डेढ़ सौ परिवार रहते हैं। इसमें ज्यादातर नवाबगंज की तरफ से आई पनघैली नदी से बड़े पैमाने पर अवैध खनन करते हैं। बारिश और नदी में बाढ़ आने के बावजूद अवैध खनन का धंधा चलता रहता है। बताते हैं कि यहां और आसपास के गांवों के तमाम ग्रामीण डनलप और ट्रैक्टर-ट्रॉली से बारिश शुरू होने से पहले नदी से रेत निकालकर घर या प्लाटों में इकट्ठा कर लेते हैं। इस खेल में स्थानीय नेताओं और पुलिस वालों का भी हिस्सा रहता है। जुलाई से सितंबर तक जब नदी में बाढ़ से खनन बंद हो जाता है तो स्टॉक किए गए इसी रेते को मनमाने रेट पर बेचा जाता है। बताते हैं कि नदी के पास ही खोखा रखकर ग्रामीणों से डनलप या ट्रॉली के हिसाब से वसूली होती है। इधर, नवाबगंज क्षेत्र में ही इस नदी से बड़े पैमाने पर खनन होता है।

जेसीबी से खोदी जमीन कि अंदर से निकलने लगा रेत
बिथरी। खनन माफिया के साथ स्थानीय लोग भी बिथरी क्षेत्र में अवैध खनन कर रहे हैं। यहां परातासपुर में एक जेसीबी मशीन की मदद से सरकारी जमीन से अवैध खनन हो रहा था। बताते हैं कि इस जमीन को जेसीबी की मदद से इतना गहरा खोद दिया गया है कि अंदर से रेता निकलने लगा है। हालांकि शिकायत पर पुलिस ने एक जेसीबी को कब्जे में लिया है। बताते हैं कि पुलिस और प्रशासन की टीम ऐसे मामले में कार्रवाई करती है। बाद में सेटिंग के बाद मामला रफा-दफा कर दिया जाता है। बिथरी में बालीपुर, कचोली, नवदिया हरकिशन सहित कई दूसरे गांवों में खनन होने के मामले सामने आ चुके हैं।
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अवैध खनन के मामलों की शिकायत पर तहसीलों में गठित टास्क कार्रवाई करती है। अगर विभाग के पास सूचना आती है तो संबंधित थाने की पुलिस को भी सूचना दे दी जाती है। -कमल कश्यप, जिला खनन अधिकारी
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