खाद्य राज्य मंत्री हेमराज वर्मा ने अपनी पहली समीक्षा बैठक दस मिनट में ही निपटा दी। वर्मा खराब गेहूं खरीद पर भी गंभीर नहीं दिखे। उन्होंने राशन कार्ड वितरण पर नाराजगी जताई और घटतौली के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मीटिंग संपन्न हो गई।
खाद्य राज्य मंत्री ने शुक्रवार दोपहर सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक बुलाई थी। राज्य मंत्री हेमराज वर्मा तीन घंटे देरी से पहुंचे। आपूर्ति, विपणन, बाट माप, कल्याण निगम और गेहूं खरीद करने वाली सभी एजेंसी के अधिकारी पहले से ही मौजूद थे। राज्य मंत्री ने पहुंचते ही गेहूं खरीद के आंकड़ें लिए और राशन कार्ड नहीं मिलने की जानकारी मांगी। एआरओ रामेश्वर दयाल ने बताया कि कार्ड निर्धारित तादाद में बन चुके हैं। अब कार्डधारक चेक किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि जिनके कार्ड नहीं बने हैं उन्हें कैसे मिलेंगे ? इस पर एआरओ ने बताया कि आवेदक एपीएल श्रेणी में आवेदन कर सकते हैं। बमुश्किल दस मिनट बैठे राज्य मंत्री ने ज्यादातर समय व्हाट्सएप पर ही लगा दिया। बाट माप सहायक नियंत्रक स्वाति कौशिक से कहा कि घटतौली रोकी जाए और इडेबल ऑयल पैकिंग में हो रही हेराफेरी पर सघन अभियान चलाया जाए। बैठक में आरएमओ आरएम पांडे, राज्य खाद्य निगम मंडल प्रबंधक थान सिंह, आरएन द्विवेदी, एआरओ किशोर कुमार, डिप्टी आरएमओ अवधेश वर्मा, सुरेश यादव आदि मौजूद रहे।
प्रधानों के नाम पर प्रधानपतियों का सम्मेलन
शुक्रवार को रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के पास एक बारातघर में आयोजित हुआ राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन का मंडलीय सम्मेलन प्रधानपतियों और उनके अन्य परिजनों की मौजूदगी तक ही सीमित रह गया। महिला प्रधानों की उपस्थिति सम्मेलन में न के बराबर रही। मंच पर भी प्रधानों के बजाय उनके पति ही बैठे। संगठन की बरेली जिलाध्यक्ष किरन पटेल हैं लेकिन मंच पर उनका स्थान उनके पति संतोष पटेल ने लिया। मंच पर लगे बैनर में भी किरन के नाम के ऊपर संतोष का ही फोटो था। इसी तरह शाहजहांपुर की जिलाध्यक्ष रामसनेही यादव के बजाय मंच पर उनके बेटे मुकेश यादव बैठे। ब्लाक इकाइयों की ओर से भी महिला प्रधानों के बजाय उनके पति ही सम्मेलन में पहुंचे। उनको ही माइक पर बोलने का मौका दिया गया। मसलन, क्यारा ब्लाक की अध्यक्ष चौबारी की प्रधान रीता देवी के बजाय उनके पति बोले।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि प्रदेश के खाद्य रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा के समक्ष प्रधानों के हक की कई मांगें तो उठीं लेकिन पंचायतों में नारी सशक्तिकरण के अहम मुद्दे पर किसी ने बात भी नहीं की। खुद मंत्री ने भी इस पर कुछ नहीं बोला। मंत्री को संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने प्रधानों को 10 हजार रुपये मासिक मानदेय, मिड-डे मील वितरण की व्यवस्था फिर से प्रधानों को देने, ग्राम प्रधान की मृत्यु पर परिवार को 10 लाख रुपये जैसी कई मांगों का ज्ञापन देकर उसको मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आग्रह किया। मंत्री ने इसका आश्वासन देते हुए कहा कि वह खुद प्रधान रहे हैं इसलिए पंचायतों की परिस्थितियों को जानते हैं। मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। संचालन डॉ. सत्यपाल शर्मा ने किया।