बरेली। रामपुर घराने के प्रसिद्ध वायलिन वादक उस्ताद जौहर अली खान रविवार को रिद्धिमा सभागार में आयोजित संगीत समारोह में शामिल हुए। इसके लिए वह इंग्लैंड से सीधे बरेली बरेली पहुंचे। यहां उन्होंने डेढ़ घंटे की अपनी प्रस्तुति में भारतीय शास्त्रीय संगीत के विभिन्न पहलुओं को छुआ। उनके वायलिन के तारों से एक-एक करके निकलती बंदिशों ने ऐसा जौहर दिखाया कि वह श्रोताओं के दिल, दिमाग पर छा गए।
संगीत के इस खास समारोह का आगाज गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद उस्ताद जौहर अली ने अपनी टीम के साथ- सबसे पहले करूं वंदन अपने गणपति गणेश की... वंदना से आगाज किया। इसके बाद राग मधुवंती में झनक झनक पायल मोरी बाजे... की बंदिश को प्रस्तुत किया। दमादम मस्त कलंदर की प्रस्तुति से उन्होंने खूब वाहवाही लूटी। अंत में श्रोताओं की गुजारिश पर उन्होंने रागों पर आधारित फिल्मी धुनों को भी प्रस्तुत किया।
रिद्धिमा के गुरु सूर्यकांत चौधरी ने वायलिन पर और स्नेह आशीष दुबे ने गायन के जरिये जौहर अली का साथ निभाया और शानदार जुगलबंदी से अपने और रिद्धिमा दोनों के लिए आशीर्वाद भी हासिल किया। राग गुणकली में बंदिश पेश करने के बाद वह दर्शकों से रूबरू हुए और संगीत के विभिन्न पहलुओं, देश की समृद्ध और वैभवपूर्ण संस्कृति पर बात की।
इस मौके पर एसआरएमएस ट्रस्ट के चेयरमैन देव मूर्ति, आशा मूर्ति, आदित्य मूर्ति, ऊषा गुप्ता, डाॅ. रजनी अग्रवाल, डाॅ. प्रभाकर गुप्ता, डाॅ. अनुज कुमार, डाॅ. आलोक खरे सहित शहर के गण्यमान्य लोग मौजूद रहे। संवाद