बरेली। सीबीगंज स्थित कैंफर कॉलोनी की बसावट हुए 12 साल हो गए और पांच साल से नगर निगम टैक्स भी वसूल रहा है, लेकिन अभी तक नागरिकों को सुविधा नहीं मिल सकीं। नागरिक सुविधाओं को लेकर जब-जब सवाल उठाते हैं, लोगों को निराशा ही मिलती है।
यह भूमि पहले कैंफर एंड एलाइड प्रोडक्ट कंपनी की थी। वर्ष 2013 में कंपनी ने इसे बेच दिया। इसके बाद बिल्डर ने यहां पर कॉलोनी विकसित कर लोगों को भूखंड बेचे। कुल 276 भूखंड विकसित किए। वर्तमान में कॉलोनी 200 परिवार रह रहे हैं। कॉलोनी के निवासी किशन राज गिरि ने बताया कि वह नगर निगम जाते हैं तो कहा जाता है कि अभी कॉलोनी हैंडओवर नहीं है। बरेली विकास प्राधिकरण से बिल्डर को ही औपचारिकताएं पूरी करानी होंगी।
कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि जब टैक्स दे रहे हैं तो सुविधा क्यों नहीं मिल रहीं? लोगों ने बताया कि कॉलोनी की अधिकतर सड़कें टूटी हैं। सीवर लाइन और पाइप लाइन नहीं हैं। शहर में भी गांव जैसा हाल हो रहा है। स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, लेकिन उनका कनेक्शन दो बार कट चुका है। नगर निगम ने इसका बिल नहीं जमा किया था।
सीबीगंज की कैंफर कॉलोनी अभी नगर निगम को हस्तगत नहीं हुई है। अगर हस्तगत करना है तो औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इस पूरे मामले में कहां दिक्कत है, इसको दिखवाया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त
अमर उजाला ब्यूरो