सेतु निगम ने कहा कि दिसंबर तक पूरा कर लेंगे काम, रेलवे अफसरों ने भी साल के अंत तक काम पूरा होने का किया दावा
बरेली। लालफाटक ओवरब्र्रिज पर अभी पांच महीने तक और जाम की मुसीबत झेलनी होगी। ओवरब्रिज पर यातायात अब अगले साल ही शुरू हो सकेगा। रेलवे और सेतु निगम के अधिकारियों का दावा है कि वह दिसंबर तक अपने-अपने हिस्से का काम पूरा कर लेंगे। यदि दोनों विभागों ने दिसंबर तक काम पूरा कर लिया तो 2022 में ओवरब्रिज पर यातायात शुरू हो सकता है।
वर्ष 2017 में 82.50 करोड़ रुपये के बजट से 955 मीटर लंबे लाल फ ाटक ओवरब्रिज का काम शुरू हुआ था। यह काम मार्च 2020 में पूरा होना था लेकिन लॉकडाउन और फि र रेलवे की हीलाहवाली से इसमें तमाम अड़ंगे लगते रहे। इस लेटलतीफ ी के चलते शासन को पुल का बजट बढ़ाकर 96.67 करोड़ रुपये करना पड़ा। इसके बाद भी पिछले साल रेलवे ने भूमि पूजन करने के एक महीने बाद काम रोक दिया और पिलर की डिजाइन बदलने के नाम पर इसे करीब छह माह तक लटकाए रखा। शासन के सख्त होने के बाद ही काम शुरू हो सका। दूसरी ओर सेना की अनुमति मिलने के बाद सेतु निगम ने कैंट क्षेत्र में काम शुरू कर दिया है। सेतु निगम सीपीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि सेतु निगम अपने हिस्से का 61 फीसदी काम पूरा कर चुका है। दिसंबर तक हर हाल में काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बदायूं रोड के हिस्से पर करीब डेढ़ साल पहले ही सेतु निगम काम पूरा कर चुका है। वहां सिर्फ ओवरब्रिज पर तारकोल सड़क बननी बाकी है।
रोजाना कई घंटे जाम में फंस रहे लोग
लालफाटक ओवरब्रिज की सर्विस रोड खस्ताहाल है। हालत यह है कि सड़क पर अनगिनत गड्ढे हैं। कुछ गड्ढे इतने गहरे हैं कि यहां बसों के आगे का बोनट तक सड़क से छू जाता है, लेकिन इसके बावजूद कभी मरम्मत का काम ठीक से नहीं हुआ। कैंट क्षेत्र में सर्विस रोड पर सेतु निगम ने गिट्टी डालकर छोड़ दी है। खराब सड़क भी जाम लगने का मुख्य कारण बनती है।