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ओवरहेड टैंक हादसा: बरेली में जल निगम ग्रामीण की इंजीनियर कुमकुम निलंबित, जांच के आदेश

Sat, 16 May 2026 12:28 PM IST
Mukesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली के गांव सरदारनगर में ओवरहेड टैंक गिरने के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जल निगम ग्रामीण की अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। 
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सरदारनगर में ढह गया था ओवरहेड टैंक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बरेली के आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सरदारनगर में ओवरहेड टैंक ढहने के मामले में शासन ने जल निगम ग्रामीण की अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार को निलंबित कर दिया है। उन्हें जल निगम ग्रामीण के मुख्य अभियंता (बुंदेलखंड क्षेत्र) झांसी के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच गोरखपुर के मुख्य अभियंता विक्रम प्रताप सिंह को सौंपकर 15 जून तक रिपोर्ट मांगी है। कुमकुम गंगवार पर कर्तव्यों एवं दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन नहीं करने का आरोप है।

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गांव सरदारनगर में डेढ़ साल पहले जल निगम की ओर से 3.62 करोड़ रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। चार मई की शाम को यह ओवरहेड टैंक ढह गया। हादसे में टंकी के पास बैठे गांव के ही डोलीलाल (32 वर्ष), अर्जुन (30 वर्ष), वीरपाल (45 वर्ष), रविंद्र (50 वर्ष), नन्कू (45 वर्ष) घायल हो गए थे। चार लोग मामूली रूप से जख्मी हुए थे। हादसे ने निर्माण कार्य में बरती गई अनियमितता की पोल खोल दी थी। इस मामले की जांच जिलाधिकारी और शासन स्तर से कराई गई।

जल निगम की तकनीकी टीम ने दो दिन जिले में रहकर जांच की थी। टंकी के मलबे को नमूने के तौर पर एकत्र किया था। मामले की जांच रिपोर्ट मिलने पर उत्तर प्रदेश जल निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

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हादसे के बाद हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई 
ओवरहेड टैंक ढहने के मामले की जानकारी के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर चार मई को ही ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई थी। निर्माणदायी संस्था एनसीसी लिमिटेड के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जल निगम ग्रामीण के जेई को निलंबित कर दिया गया था। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के सहायक अभियंता के खिलाफ विभागीय जांच और एक्सईएन के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। थर्ड पार्टी जांच करने वाली संस्था बीएलजी के बरेली स्थित सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को हटा दिया गया था। कंपनी पर जुर्माना भी लगाया गया था।

मिट्टी की जांच कराए बिना बना दिया था टैंक 
जिलाधिकारी अविनाश सिंह की ओर से अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह से सरदारनगर में हुए हादसे की जांच कराई गई थी। इसमें सामने आया था कि जल निगम की ओर से ओवरहेड टैंक का निर्माण बलुई मिट्टी पर किया गया। मिट्टी की जांच भी नहीं कराई गई। हादसे में कुछ दिन पहले बारिश होने से तालाब ओवरफ्लो हुआ और टैंक के आसपास मिट्टी न होने से वह धराशायी हो गया। अमर उजाला ने जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए सात मई के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसके बाद जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के तहत निर्माणाधीन और बन चुके 800 से ज्यादा टैंकों की जांच के निर्देश दिए थे। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
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गोकुल बैराज पार्ट-1 के काम में भी लापरवाही बरतने का है आरोप 
निलंबित अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार पर मथुरा में अधिशासी अभियंता ड्रेनेज एवं सीवरेज इकाई के पद पर रहते हुए मथुरा पेयजल पुनर्गठन योजना थ्रू गोकुल बैराज पार्ट-1 के निर्माण में भी लापरवाही बरतने का आरोप है। योजना के अनुसार कृष्णा विहार कॉलोनी, मथुरा निर्मित जलाशय 30 जून 2024 को क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। जांच में जलाशय की गुणवत्ता खराब होने, काम में अनियमितता बरतने, विभाग को आर्थिक क्षति पहुंचाने, शासन के आदेश का अनुपालन न करने व आम जनमानस के समक्ष शासन की छवि धूमिल करने के आरोपों की पुष्टि हुई थी। इस मामले में भी कुमकुम गंगवार को दोषी पाते हुए कार्रवाई की जद में लाया गया है।
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