लालफाटक पर डिवाइडर लगाते कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अफसरों ने 30 सितंबर तक काम निपटाने का किया था दावा, अब चुप्पी साधी
बरेली। आईवीआरआई ओवरब्रिज पर 30 सितंबर तक अपने हिस्से का काम पूरा करने का रेलवे का दावा फिर हवाई निकला। इस दावे के मुताबिक अब हफ्ते भर का समय बाकी रह गया है लेकिन ओवरब्रिज पर अब भी जो काम बचा है, वह महीने भर में भी पूरा होने के आसार नहीं लग रहे हैं। अब रेलवे के अधिकारी इस बारे में कुछ बोलने को भी तैयार नहीं है।
आईवीआरआई ओवरब्रिज पर क्रॉसिंग के ऊपर का निर्माण करने की जिम्मेदारी को काफी समय तक लटकाए रखने के बाद नोडल अफसर नवनीत सहगल के निरीक्षण के बाद कुछ समय पहले ही रेलवे अफसरों ने काम शुरू कराया। कुछ समय तक तो काम की रफ्तार तेज दिखी। रेलवे अधिकारियों ने दावा भी किया कि 30 सितंबर तक उनका काम पूरा हो जाएगा और इसके बाद पुल को सेतु निगम को हैंडओवर कर दिया जाएगा लेकिन कुछ ही समय बाद रेलवे ने पुल निर्माण में लगाई गई लेबर आधी कर दी और इसकी वजह से काम की रफ्तार भी सुस्त हो गई।
ओवरब्रिज पर अब स्टील और कंक्रीट गार्डर के दोनों साइड की बाउंड्री बन चुकी है लेकिन ऊपरी हिस्से की फर्निशिंग का काफी काम रह गया है जो सात दिन के अंदर पूरा होने की संभावना नहीं हैं। इज्जतनगर रेल मंडल के पीआरओ कोरोना संक्रमित होने के बाद अस्पताल में भर्ती है। इज्जतनगर मंडल का कोई और अधिकारी इस पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है। बता दें कि दिसंबर 2019 में काफी फजीहत के बाद रेलवे ने ओवरब्रिज पर गार्डर रखने का काम शुरू किया था। कुछ ही दिन बाद लॉकडाउन शुरू हुआ तो करीब पांच महीने काम रुका रहा। अब फिर काम की रफ्तार काफी सुस्त है लिहाजा मुश्किल ही है कि दावे के मुताबिक अक्तूबर के अंत तक ओवरब्रिज पर ट्रैफिक दौड़ना शुरू हो जाए।