केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) में टेकभनोलॉजी ट्रांसफर फार्म (टीटी) में एक पखवाड़े से अचानक फैली रहस्यमयी बीमारी से सैकड़ों मुर्गिंयां दम तोड़ चुकी हैं। हर दिन ही बड़ी तादाद में मुर्गियों की सांस फूल जाती है और वह मर जाती हैं लेकिन मुर्गियां क्यों मर रही हैं, इसके वजह वैज्ञानिक नहीं ढूंढ सके हैं। हालांकि सतर्कता बरतते हुए मरने वाली मुर्गियों को हर दिन खामोशी से जलाकर नष्ट किया जा रहा है। संस्थान ने टीटी फार्म को भी सील कर दिया है। उसमें किसी भी बाहरी के घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
टीटी लेयर फार्म है, जहां अंडे देने वाली मुर्गियां रखी जाती हैं। अंदरखाने वैज्ञानिक मान रहे हैं कि मुर्गियों की मौत किसी ऐसे वायरस से हो रही है, जो उनके फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है। बड़ी तादाद में मुर्गियों के मरने से संस्थान में खलबली मची हुई है। फिलहाल, संस्थान मुर्गियों की मौत को रोकने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठा पा रहा है। दवाइयों की भी कमी है। बताया गया कि मुर्गियों के मरने की शुरुआत 15 दिन पहले हुई। शुरू में 15 से 20 मुर्गियां हर दिन मर रही थीं लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह संख्या सौ से दो सौ तक पहुंच गई है। हालांकि सीएआरआई के निदेशक ने मुर्गियों की मौत को नार्मल बताया है।
वर्जन...
संस्थान के फार्म में मुर्गियों पर रिसर्च होती है इसलिए उनके मरने की घटनाएं होती ही रहती हैं, यह सब नार्मल बात है और वैसे भी गर्मियों का सीजन चल रहा है। मुर्गियों का मरना कौन सी बड़ी बात है।
-डॉ. जेएम कटारिया, निदेशक, सीएआरआई