दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डॉ. त्रिवेणी दत्त को सौंपा प्रमाणपत्र
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बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली नस्ल है रोहिलखंडी
रोहिलखंडी गाय बरेली, बदायूं, पीलीभीत जिले में ही मिलती हैं। इनकी अनुमानित संख्या करीब तीन लाख है। इसका रंग सफेद और आकार मध्यम होता है। 210 दिनों तक प्रतिदिन करीब पांच लीटर दूध देती हैं। इनकी प्रजनन और दुग्ध उत्पादन क्षमता 8–10 ब्यात तक होती है। बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता से ये बीमार कम होती हैं। रोहिलखंडी गाय देश की 55वीं और उत्तर प्रदेश की छठी पंजीकृत नस्ल है। इस नस्ल के पंजीकरण में डॉ. त्रिवेणी दत्त के नेतृत्व में डॉ. जीके गौड़, डॉ. रूपसी तिवारी, डॉ. अनुज चौहान, डॉ. बृजेश कुमार, डॉ. आयोन, डॉ. अमित कुमार, डॉ. श्रीकांत का योगदान रहा।