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आईवीआरआई अंडरपास- रखरखाव न होने से टूटने लगे रोड सेफ्टी के काम

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पुलिया के नीचे नहीं जल रही लाइट, कई रेडियम लाइटें भी उखड़ीं
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पानी निकासी का सिस्टम फेल होने से भरा बारिश का पानी

बरेली। आधे-अधूरे सुरक्षा इंतजामों के साथ शुरू हुए आईवीआरआई अंडरपास की डिजाइन को लेकर पहले से ही सवाल खड़े होते रहे हैं। रेलवे की पुलिया के नीचे नैनीताल रोड तक 90 डिग्री का खतरनाक मोड़ बना दिया गया है। चूंकि इस अंडरपास की चौड़ाई भी महज छह-सात ही है। लिहाजा खतरनाक मोड़ पर सामने से आने वाले राहगीर और वाहन दिखते ही नहीं हैं। इससे यहां आमने-सामने टक्कर होने का खतरा बना रहता है। इसे लेकर शिकायतें हुईं तो रेलवे ने साइड मिरर, रेडियम लाइटें लगवा दीं, लेकिन वे अभी से टूटने लगी हैं। शुक्रवार को बारिश से यहां फिर पानी भर गया।
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करीब 11 करोड़ की लागत से 320 मीटर लंबे अंडरपास बनाया गया है। अभी यहां फाइबर शेड भी नहीं लगा है। रेलवे की पुलिया से नैनीताल रोड की तरफ आने पर करीब सौ मीटर लंबा खतरनाक मोड़ है। यहां सामने दो-तीन मीटर से ज्यादा दूर दिखाई नहीं देता है। चूंकि अंडरपास की चौड़ाई भी कम है। इसलिए यहां वाहनों के टकराने का खतरा बना रहता है। यह लापरवाही सामने आने के बाद रेलवे ने अंडरपास पुलिया के नीचे लाइट लगवाने के साथ ही मोड़ पर साइड मिरर लगवा दिए थे। पुलिया के दोनों तरफ की दीवारों पर रेडियम लाइटें भी लगवाई र्गइं थीं। रखरखाव न होने से यह लाइटें अंडरपास का काम पूरा होने से पहले ही क्षतिग्रस्त होनी शुरू हो गई हैं। कई रेडियम सिग्नल टूट गए हैं। अंडरपास के अंदर जलभराव की दिक्कत एक बार फिर पैदा हो गई है। पूर्व मेें यहां पानी निकास की व्यवस्था की गई थी, जो बारिश होने पर फेल होती दिखाई दे रही है।
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