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नहीं बनी बात.. अब तीन जनवरी से फिर कार्य बहिष्कार

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Bareilly college
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बरेली कॉलेज प्रशासन से दो घंटे तक चली वार्ता पर नहीं निकला नतीजा
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अस्थायी कर्मियों ने प्रबंधन से मांगा इस्तीफा, चार से तालाबंदी की चेतावनी
बरेली। बरेली कॉलेज प्रशासन और अस्थायी कर्मचारियों के बीच पिछले दस दिनों से तनातनी चल रही है। आपसी मतभेद को समाप्त कराने और मांगों पर विचार करने के लिए मंगलवार को अस्थायी कर्मचारियों के साथ दो घंटे तक बैठक हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब कर्मचारियों ने तीन जनवरी से फिर कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। चार जनवरी को तालाबंदी कर प्रदर्शन कर सकते हैं।
कर्मचारी कल्याण सेवा समिति के बैनर तले मंगलवार को पिछले करीब साल भर से आंदोलित बरेली कॉलेज के अस्थायी कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन जारी है। दस दिन से कार्य बहिष्कार के एलान पर कॉलेज प्रशासन ने मांगों पर सुनवाई के बजाय धरना करने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इससे कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया है। मंगलवार को प्राचार्य डॉ. अनुराग मोहन ने पांच कर्मचारी नेताओं को बैठक के लिए बुलाया था। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान प्राचार्य समेत शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. आलोक खरे, सचिव डॉ. वीपी सिंह, डॉ. राजेन्द्र सिंह, डॉ. बीनम सक्सेना, डॉ. एपी सिंह और डॉ. स्वदेश सिंह मौजूद रहे।
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बैठक में कर्मचारियों को हड़ताल खत्म करने का सुझाव दिया गया मगर मांगों को प्रबंधन, प्रशासन की ओर से पूरा करने में असमर्थता जता दी गई। न सुनकर आक्रोशित हुए कर्मचारियों के साथ शिक्षक संघ और प्राचार्य की नोंकझोंक भी हुई। करीब दो घंटे तक लगातार चली बातचीत के बावजूद मांगों पर कोई हल नहीं निकला। इस पर कर्मचारियों ने प्रबंधन का इस्तीफा मांगा है।
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डीएम संभालें प्रबंधन, तैनात करें रिसीवर
समिति अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि प्रबंधन अगर मांगों को पूरा करने में असमर्थ है तो इस्तीफा देकर प्रबंधन की शक्ति जिलाधिकारी को सौंपी जाए। ताकि कॉलेज व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके और मांगों को पूरा होने की उम्मीद जगे। बैठक के बाद कर्मचारी नेता एवं समिति के सचिव हरीश मौर्य ने तीन जनवरी को हड़ताल पर रहने की बात कही। बावजूद इसके अगर सुनवाई न हुई तो चार जनवरी को तालाबंदी करने की चेतावनी दी। इस दौरान कुलदीप कर्मयोगी, सुनील कुमार, चंद्र प्रकाश अग्निहोत्री, गंगा प्रसाद, रमेश, लालाराम, महेंद्र पाल, वीरेंद्र पथिक, वंश गोपाल शर्मा, हरेराम, ज्ञान पाल समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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