वित्तीय वर्ष के आखिरी दिनों में आयकर विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए होली पर आधा दर्जन विभागों का भुगतान रोक दिया है। जिसमें सिंचाई विभाग के 250 अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। इनको होली के त्योहार पर वेतन तक नहीं मिल पाया है। इसके पीछे विभाग के एक्सईएन की लापरवाही बताई जा रही है। ऐसी ही स्थिति भूजल विभाग, व्यापार कर, जल निगम तथा अन्य विभागों की रही है।
सिंचाई विभाग में काम करने वाले ठेकेदारों का टीडीएस काटा जाता है। इस राशि को काटकर आहरण वितरण अधिकारी (एक्सईएन) के आयकर की ओर से जारी टिन नंबर में धनराशि जमा की जाती है। इसी तरह कर्मचारियों के वेतन से भी इनकम टैक्स (टीडीएस) की कटौती करके दूसरे टिन नंबर में धनराशि जमा होनी चाहिए थी। इस मामले में एक्सईएन सीबी यादव का तर्क है कि दोनों मदों का टीडीएस तो कटा गया है लेकिन दो अलग-अलग टिन नंबरों में धनराशि जमा करके गलती से एक ही टिन नंबर के खाते में जमा कर दी गई। दूसरे टिन नंबर में कर्मचारियों के वेतन से काटी गई धनराशि जमा नहीं हुई तो वहां पर इस खाते में 15 मार्च के बाद 10 लाख रुपये के स्थान पर एक रुपया भी जमा नहीं दिखाई दिया।
इनकम टैक्स विभाग ने इसे टैक्स जमा न मानते हुए वरिष्ठ कोषाधिकारी को निर्देश दिए कि वह सिंचाई विभाग के सभी भुगतानों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दें। इनकम टैक्स विभाग के निर्देश पर दस दिन से कोषागार ने सिंचाई विभाग के सभी भुगतान रोक दिए हैं। कर्मचारियों के वेतन तथा वित्तीय वर्ष के आखिरी दो या तीन दिन शेष रहने पर बरेली से लेकर लखनऊ तक अफसरों में खलबली मच गई है। क्योंकि इस आदेश से कई करोड़ के भुगतानों पर रोक लग गई है।
‘आयकर विभाग में शपथपत्र देकर एक ही टिन नंबर में जमा धनराशि का मिलान कराने के साथ-साथ भुगतान पर लगी रोक हटाने का अनुरोध किया है। इस बारे में इनकम टैक्स विभाग की ओर से इस समस्या का समाधान होने का आश्वासन मिला है।’ सीबी यादव, एक्सईएन