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1.5 लाख करदाता, वसूली 30 करोड़ से कम

Tue, 29 Mar 2016 01:26 AM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
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दो साल पहले कराए गए सर्वे में 1.5 लाख करदाता चिह्नित किए गए थे। इससे नगर निगम की हर साल होने वाली कर वसूली बढ़ने की उम्मीद जगी थी। मगर, करदाता बढ़ने का बावजूद टैक्स वसूली का वही हाल रहा, जो पहले रहता था। पूरे साल टैक्स विभाग के अफसर और कर्मचारी सोते रहे। क्लोजिंग मार्च में कर वसूली अभियान चला जो 23 हजार पुराने करदाताओं तक ही सीमित रहा। सवा लाख से ज्यादा करदाताओं से टैक्स वसूली की रणनीति नहीं बन पाई। लिहाजा राजस्व वसूली में खास बढ़ोत्तरी नहीं हुई।  
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शहर में करीब 1.75 लाख मकान हैं। बिजली कनेक्शनधारकों की संख्या भी 2.5 लाख से ज्यादा है। मगर, नगर निगम को गृह, सीवर और जलकर देने वालों की संख्या हर साल मात्र 20 हजार के इर्द गिर्द रहती है। नए करदाता चिह्नित करने के लिए वर्ष 2013-14 में नगर निगम ने प्राइवेट एजेंसी से सर्वे कराया था। एजेंसी कर्मचारियों ने मनमाने तरीके से सर्वे कर पुराने करदाताओं के ही मकानों के एरिया ही गलत दर्शाकर कंप्यूटर पर फीड करा दिए। इससे करदाताओं की संख्या तो 1.5 लाख तक पहुंच गई लेकिन ये करदाता सिर्फ फाइलों में हैं। अपने मकानों या प्रतिष्ठानों का टैक्स नहीं जमा कर रहे और न ही इनसे टैक्स वसूली के लिए कदम उठाए गए। 
वर्ष 2015-16 में मात्र 23 हजार करदाताओं ने 0 करोड़ का टैक्स अदा किया है। आठ करोड़ बिजली विभाग के समायोजित होने हैं। चालू वर्ष में क्लोजिंग के चार दिनों तक नगर निगम की कर वसूली 30 करोड़ का आंकड़ा नहीं पार कर पाएगी। इससे पहले के दो साल में भी कर वसूली लक्ष्य की आधी नहीं हो पाई। भारी भरकम टैक्स स्टाफ बीडीए से बिना नक्शा स्वीकृत हुए बनी 225 अनाधिकृत कालोनियों में रहने वाले 90 फीसदी से ज्यादा मकानों से टैक्स वसूली नहीं कर पा रहा।
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दो सौ से ज्यादा आपत्तियां लंबित
कर वसूली के बिलों में गड़बड़ी से संबंधित दो सौ से ज्यादा आपत्तियां लंबित हैं। इनका निस्तारण नहीं किया जा रहा। कर वसूली स्टाफ निजी हितों को साधने के लिए बड़े करदाताओं की आपत्तियों का निस्तारण जानबूझकर तब तक लटकाए रखता है, जब तक कि वह उनकी जेब का वजन नहीं बढ़ा देते। 
कर वसूली में लगे स्टाफ पर एक नजर
राकेश कुमार सोनकर- मुख्य कर निर्धारण अधिकारी,  संगीता गुप्ता- कर निर्धारण अधिकारी, रिछपाल सिंह, राजनारायण कमल, शैली गुप्ता, ज्ञानचंद, विजय कुमार- कर अधीक्षक, कर समाहर्ता-32। 10 से ज्यादा बाबू और चपरासियों के अलावा डेढ़ दर्जन प्राइवेट कर्मचारी भी टैक्स वसूली के काम में लगे हैं। फिर भी वसूली बढ़ नहीं रही। स्टाफ भी वसूली बढ़ने नहीं देना चाहता क्योंकि अगर कर वसूली बढ़ गई तो अगले साल के लिए लक्ष्य बढ़ जाएगा जिसमें उनको ज्यादा काम करना पड़ेगा।
रविवार को भी जमा करें टैक्स
कर अधीक्षक रिछपाल सिंह ने बताया कि रविवार के अवकाश के दिन भी नगर निगम के काउंटर खुले रहेंगे।
करदाता चार काउंटरों में किसी पर भी आकर अपना टैक्स जमा कर सकते हैं। 

‘पिछले साल से ज्यादा टैक्स वसूली हुई है। बड़े बकायेदारों पर सख्ती के बाद कर वसूली में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। क्लोजिंग महीने के बचे दिनों में कर वसूली बढ़ने की उम्मीद है।’ शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त  
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