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इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी में 1200 छात्रों को बांटी गई डिग्री

Fri, 20 May 2016 02:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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दीक्षांत समारोह
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अगर आत्मविश्वास है तो कामयाबी कदम चूमती है। यह कामयाबी अच्छी शिक्षा से मिलती है। अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के बाद आत्मविश्वास आता है कि कहीं फेल नहीं होंगे। सिर्फ कामयाबी मिलेगी। ये बातें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने छात्रों को टिप्स देते हुए बताईं। इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी में बृहस्पतिवार को आयोजित द्वितीय दीक्षांत समारोह में वह बतौर मुख्य अतिथि छात्रों को दीक्षा दे रहे थे। दीक्षांत समारोह में बीटेक, एम. टेक, एमबीए,  एमसीए, एम. फार्मा, बीसीए, बीबीए और पत्रकारिता एवं जनसंचार आदि विभागों के 1200 छात्रों को डिग्री दी गईं। इसके अलावा स्नातक और परास्नातक के मेधावी छात्रों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रांज मेडल दिए गए। समारोह में अभिनेत्री रति अग्निहोत्री, सुधा चंद्रन, क्रिकेट जगत के जानी-मानी हस्ती किरण शंकर मोरे, लॉयंस क्लब इंटरनेशनल के वाइस प्रेसीडेंट राजू वी मनवानी और आईबीएम के के प्रेसीडेंट विश्व प्रकाश को डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि दी गई।   
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दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि विवेकानंद ने शिक्षा को आत्म-सम्मान का प्रखरता के साथ जागरण बताया था और अगर हम लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ेंगे तो सफलता हमें जरूर मिलेगी। 
बरेली में ही जन्मीं अभिनेत्री रति अग्निहोत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उन्हें अपनी जन्मभूमि पर सम्मानित होने का मौका मिला। वह हमेशा से डॉक्टर बनना चाहती थीं और इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी ने डॉक्टरेट इन आर्ट एंड कल्चर की ऑनरेरी डिग्री देकर पल हो यादगार बना दिया। डिग्री मिलने पर किरण मोरे ने इन्वर्टिस के छात्रों से कहा, मैंने दुनिया देखी है, लेकिन भारत जैसा देश कहीं नहीं है, इसलिए भारत का नाम रोशन करने के लिए कर्तव्यनिष्ठ रहें। उन्होंने क्रिकेट से जुड़ी अपने कुछ संस्मरण भी सुनाए। उन्होंने स्पोर्ट्स में कामयाब हो रहीं हस्तियों से प्रेरणा लेने को कहा। 
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डांसर एवं अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने कहा, डॉक्ट्रेट की डिग्री मिलने के उनकी मां की उनके नाम के आगे डॉक्टर लगाने की इच्छा पूरी हुई, क्योंकि उनकी मां उन्हें डॉक्टर बनाना चाहती थीं। उन्हें गर्व है कि वह उत्तर प्रदेश की बहू हैं। छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि मुश्किलों से लड़कर आगे बढ़ते जाना ही जीवन का वास्तविक अर्थ है। अपने अनुभव साझा करते हुए विश्व प्रकाश ने बताया कि हर किसी में कुछ न कुछ खास होता है, इसलिए हमें उसे पहचान कर लगन से काम करते रहना चाहिए। डॉक्ट्रेट की मादन उपाधि पाने के बाद राजू वी मलवानी ने कहा कि अगर सफलता पानी है तो माता-पिता का सम्मान करना सीखें। उन्होंने कहा कि वह सतीश कौशिक, राजा बुंदेला के साथ मुंबई में हीरो बनने गए थे। काफी संघर्ष के बाद भी उन्हें कुछ नहीं मिला। 
चांसलर डॉ. उमेश गौतम ने कहा कि डिग्री पाना किसी भी छात्र के जीवन का महत्वपूर्ण पल होता है। इसके बाद वह एक नए जीवन की शुरुआत करता है। उनके इसी खास पल को और खास बनाने के लिए इस समारोह का आयोजन किया गया। रजिस्ट्रार संतोष कुमार ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन सुगंधा सिंह ने किया। इस मौके पर वाइस चांसलर प्रो. जगदीश रॉय, प्रो. वाइस चांसलर डॉ. वाईडीएस आर्या, डीन इंजीनियरिंग डॉ. आरके शुक्ला, डीन मैनेजमेंट डॉ. मनीष गुप्ता, एलपी मिश्रा, जितेंद्र श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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