ये सिफारिशें की
भू उपयोग परिवर्तन किये जाने व राजस्व को अनुमानित 14.42 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति पहुंचाने के संबंध में संबंधित राजस्व अधिकारियों को सक्षम स्तर से 'कारण बताओ नोटिस' जारी करते हुए उनका पक्ष सुनने के बाद उत्तरदायित्व निर्धारित किया जा सकता है।
प्रकरण में अधिक मुआवजा (प्रतिकर) प्राप्त करने के लिए अधिकारियों के साथ षड़यंत्र करके कृषि भूमि का अकृषिक में भू उपयोग परिवर्तन कराने व उस पर परिसंपत्ति दर्शाकर अधिक मूल्यांकन कराने वाले आवेदक/भूस्वामी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में विधिक कार्यवाही किया जाना उचित होगा।
पूरे प्रकरण में शिथिलता व लापरवाही भी बरतने और सम्यक रूप से परीक्षण न करने के लिए दोषी विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, बरेली आशीष कुमार और तत्कालीन विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी, बरेली मदन कुमार के विरुद्ध उचित कार्यवाही की जाए।
ये अधिकारी-कर्मचारी माने गए दोषी
सीडीओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में बरेली के एसएलएओ (विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी) आशीष कुमार और तत्कालीन एसएलएओ मदन कुमार, उनके कार्यालय के अमीन डंबर सिंह, नवाबगंज तहसील के लेखपाल सुरेश सक्सेना, सदर तहसील के लेखपाल उमाशंकर, पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन अधिशासी अभियंता नारायण सिंह (अब सेवानिवृत्त), सहायक अभियंता स्नेहलता श्रीवास्तव, अवर अभियंता राकेश कुमार, अंकित सक्सेना, सुरेंद्र सिंह, अमीन शिवशंकर, एनएचएआई का साइट इंजीनियर, इंजीनियर रविंद्र गंगवार (वैल्यूअर) को सम्यक रूप से परीक्षण न करने के लिए जिम्मेदार माना है।
एनएचएआई और रिंग रोड प्रकरण की जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। वहां से जो दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, उनका अनुपालन कराया जाएगा। - रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी, बरेली