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UP: माफिया अशरफ के साले सद्दाम और गुर्गों की अवैध संपत्ति की जांच शुरू, प्रयागराज भी जाएगी बरेली पुलिस

Sat, 02 Mar 2024 10:43 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

माफिया अशरफ के साले सद्दाम और उसके गुर्गों के खिलाफ बरेली की बिथरी पुलिस ने गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने अब आरोपियों की अवैध संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है।
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सद्दाम - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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माफिया अशरफ के साले सद्दाम और उसके गुर्गों पर गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद बरेली पुलिस ने अब उनकी अवैध संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की एक टीम प्रयागराज जाकर भी सद्दाम और आतिन जफर की संपत्तियों की जानकारी जुटाएगी। बता दें कि सद्दाम बदायूं और आतिन रामपुर जेल में बंद है।

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प्रॉपर्टी डीलर फरहद उर्फ गुड्डू और लल्ला गद्दी ने फुरकान के साथ मिलकर सद्दाम से लाखों रुपये लेकर शहर में जमीन की खरीद-फरोख्त में लगाए थे। गुड्डू, लल्ला गद्दी और फुरकान की संपत्ति की जानकारी बरेली तहसील से जुटाई जाएगी। 

जेल वार्डर शिवहरि अवस्थी और मनोज गौड़ की संपत्ति का आकलन भी किया जाएगा। पुलिस गिरोह के सभी सदस्यों की संपत्तियां खंगालेगी और अवैध पाए जाने पर प्रशासन की मदद से धारा 14ए के तहत उसे जब्त किया जाएगा। 

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दुबई में किया था निवेश 
सद्दाम के जरिये अशरफ और अतीक ने दुबई में निवेश किया था। विदेश में स्थित संपत्तियों का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है। सद्दाम के खिलाफ प्रयागराज में भी जमीन कब्जाने के मुकदमे दर्ज हुए थे। बताया जा रहा है कि सद्दाम ने वहां भी वसूली कर कई लग्जरी कारें और प्रॉपर्टी खरीदी थी। पुलिस अब सद्दाम के नाम पर संपत्तियों का पता लगाकर उसे जब्त करेगी। 

अशरफ और अतीक अहमद के बाद सद्दाम ने ही गिरोह की कमान संभाली हुई है। अब पुलिस ने सद्दाम के गिरोह पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि सद्दाम व उसके गुर्गों की संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। संपत्तियां अवैध पाए जाने पर उनका जब्तीकरण किया जाएगा। 
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बरेली जेल में रची गई थी उमेश पाल हत्याकांड की साजिश 
प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड में माफिया अतीक अहमद और अशरफ का नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया था। साजिश में अशरफ का साला सद्दाम उर्फ अब्दुल समद भी शामिल रहा था। वह बारादरी क्षेत्र में रहकर अपने गुर्गे लल्ला गद्दी के जरिये बरेली जिला जेल में बंद अशरफ को सुविधाएं पहुंचाता था। 

उमेश पाल हत्याकांड के बाद जेल स्टाफ भी सवालों में घिर गया था। जेल वार्डर मनोज गौड़ और शिवहरि अवस्थी को भी सद्दाम से दोस्ती निभाने के आरोप में जेल भेजा गया था।  सद्दाम ने ही शूटरों की जेल में बंद अशरफ से अवैध मुलाकात कराकर उमेश पाल हत्याकांड की भूमिका तैयार कराई थी। 
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