फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Women Day 2023: जज्बे के ईंधन से दौड़ती जिंदगी..., पढ़िए पेट्रोल पंप पर काम करने वाली महिलाओं की कहानी

Thu, 02 Mar 2023 01:35 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। बरेली में कई महिलाएं पेट्रोल पंप पर भी काम करती हैं और अपने जज्बे के ईंधन से जिंदगी की गाड़ी को दौड़ा रही है। 
विज्ञापन
पेट्रोल पंप पर कार्य करतीं धर्मेश गोस्वामी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को है। इस मौके पर हम शहर की कुछ ऐसी चुनिंदा महिलाओं की कहानी लेकर आए हैं, जिन्होंने अपने जज्बे से सफलता की इबारत लिखी। मुश्किलों का सामना कर दूसरी महिलाओं के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया। इसी श्रृंखला में पेश है पेट्रोल पंप पर काम करने वाली महिलाओं की संघर्ष गाथा उन्हीं की जुबानी...

बेटी को बनाऊंगी अच्छा इंसान

बरेली के सिविल लाइंस स्थित पेट्रोल पंप पर काम करने वाली धर्मेश गोस्वामी ने बताया कि 2014 में दिल का दौरा पड़ने से पति की मौत हो गई तो समझ में नहीं आया क्या करूं। आठ साल की बेटी को पालने की चुनौती तो थी ही साथ ही उसकी पढ़ाई भी प्रभावित न हो यह भी ध्यान रखना था। फिर पेट्रोल पंप पर काम करना शुरू किया, आज बेटी अच्छे स्कूल में पढ़ रही है। बस यही ख्वाहिश है कि वह अच्छी इंसान बने।

खुद पर भरोसा था... कर दिखाया

प्रिया कश्यप मिनी बाईपास स्थित पेट्रोल पंप पर नौकरी करती हैं। उन्होंन बताया कि महिलाओं की खास आदत होती है कि जब तक चुनौती नहीं आती वह शांत रहती हैं। चुनौती आने पर वह डटकर सामना करती हैं। चार साल पहले पति की मौत हो गई। इसके बाद दो साल तो खुद को संभालने में लग गए। एक साल पहले रिश्तेदार के कहने पर पेट्रोल पंप पर काम करना शुरू किया। अब लगता है दुनिया मुट्ठी में है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

रिंकी कश्यप, धर्मेंश गोस्वामी और प्रीति गंगवार - फोटो : अमर उजाला

परिवार ने समझाया...अपनी पहचान बनाओ

प्रीति गंगवार भी बाईपास स्थित पेट्रोल पंप पर काम करती है। प्रीति ने बताया कि कुछ महीनों पहले ही काम शुरू किया है। पढ़ाई के बाद पेट्रोल पंप में नौकरी मिली तो एक बार झिझक के कारण इन्कार कर दिया। फिर परिवार ने समझाया अपनी पहचान बनाना जरूरी है। कोई काम छोटा नहीं होता। बस एक बार शुरुआत करने की देर होती है। फिर सब समस्याएं दूर हो जाती हैं।

कार्यस्थल पर महिलाओं के होने से काम में आती है तेजी

सिविल लाइंस स्थित पेट्रोल पंप पर नौकरी करने वाली रिंकी कश्यप ने कहा कि एक साल पहले पति का हाथ बंटाने के लिए काम शुरू किया। पहले महिलाओं को पेट्रोल पंप पर काम करते देखकर अच्छा नहीं लगता था।जबसे खुद काम शुरू किया है तबसे हर क्षेत्र में नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए सम्मान बढ़ गया। महिलाओं के होने से कार्यस्थल पर काम तेज और निष्पक्षता से होता है।

जब से काम शुरू किया...आत्मविश्वास बढ़ गया

ज्योति सिंह ने कहा कि पति दिल्ली में पेट्रोल पंप पर काम करते हैं। 2014 में बीए करते-करते शादी हो गई जिसके बाद घर-परिवार की देख-रेख में उलझ कर रह गई। अब जबसे काम शुरू किया है तबसे आत्मविश्वास बढ़ गया है। महिलाओं को पढ़ना बेहद जरूरी है। इससे उनको बेहतर नौकरी और पहचान मिलती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें