पुलिस से मदद मांग रही थी मां, इंस्पेक्टर बोले- सुबह आना
अमन की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। जिस रात अमन की हत्या की गई, उस रात उसकी मां पुलिस के सामने बेटे को बरामद करने के लिए गिड़गिड़ाती रही। तब इंस्पेक्टर किला ने कहा कि सुबह आना, मदद की जाएगी।
13 जुलाई को अमन ने मां शोभा को फोन करके बताया था कि उसे व भमोरा के रामगुज्जर को एसओजी वालों ने पुलिस लाइन बुलाया है। रात दस बजे इज्जतनगर के लक्ष्मीपुर निवासी पवन ने उसके बेटे के मोबाइल से शोभा का फोन करके तत्काल गढ़ी चौकी आने के लिए कहा।
बताया कि मलूकपुर में जवाहर बरातघर के पास गली में विपिन गुप्ता के कार्यालय में अमन को बंद करके रखा गया है। यहां जतिन व प्रियांशु शंखधार आदि लड़के भी हैं। शोभा रात 12:30 बजे गढ़ी चौकी के पास पहुंच गईं और राम गुज्जर व पवन को फोन मिलाया, लेकिन दोनों ने फोन नहीं उठाया। रात 1:30 बजे शोभा ने डायल 112 को फोन मिलाकर पुलिसकर्मियों को बुलाया। सूचना पर इंस्पेक्टर किला हरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए।
रातभर भटकती रही मां
इंस्पेक्टर किला ने शोभा देवी से कहा कि सुबह आकर प्रार्थना पत्र दे देना, मदद की जाएगी। शोभा रात तीन बजे पवन के घर पहुंचीं। पवन ने अमन का मोबाइल फोन उन्हें दिया और बताया कि अमन की बाइक भी उसके पास है।
14 जुलाई को राम गुज्जर ने बातचीत के लिए शोभा को फोन करके पुलिस लाइन बुलाया, लेकिन शोभा 11 बजे किला थाने पहुंच गईं। इसके बाद अमन का शव बरामद हो गया। पिता सतीश का कहना है कि घटना वाली रात पत्नी पुलिस वालों से मदद मांगती रही लेकिन नहीं मिली। परिजन ने बताया कि राम गुर्जर एसओजी का मुखबिर है।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि दो नामजद आरोपियों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज से भी कुछ चेहरे पहचाने गए हैं। हत्या की सही वजह आरोपियों से पूछताछ के बाद ही पुष्ट हो पाएगी।