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UP News: अपने ही थाने से अपराधी की तरह भागा इंस्पेक्टर, सरकारी पिस्टल-कारतूस और मैगजीन भी ले गया

Sun, 25 Aug 2024 11:22 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

फरीदपुर थाने में सात लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोपी इंस्पेक्टर रामसेवक का अब तक पता नहीं लगा है। फरार इंस्पेक्टर की तलाश में पुलिस लगी है। बताया गया है कि इंस्पेक्टर अपने साथ सरकारी पिस्टल, कारतूस और मैगजीन भी ले गया है। 
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इंस्पेक्टर रामसेवक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में रिश्वत प्रकरण के बाद फरार हुआ इंस्पेक्टर रामसेवक सरकारी पिस्टल, 10 कारतूस व मैगजीन भी ले गया है। फरीदपुर थाने में सात लाख रुपये रिश्वत लेकर स्मैक तस्करों को छोड़ने वाले इंस्पेक्टर रामसेवक को गिरफ्तार करने जब एसपी मानुष पारीक व सीओ गौरव सिंह पुलिस टीम के साथ फरीदपुर थाने पहुंचे थे तो वह वर्दी में था। जल्दबाजी में वर्दी पहने हुए ही सरकारी पिस्टल, दस कारतूस व मैगजीन लेकर वह थाने के पिछले रास्ते से भाग गया था। पुलिसकर्मियों के अनुसार इंस्पेक्टर हर वक्त सरकारी पिस्टल साथ रखता था। 

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पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए इंस्पेक्टर रामसेवक थाने के पीछे दीवार में लगे छोटे गेट से निकलने के लिए दौड़ा तो उस पर ताला लगा था। तब वह पीछे की छोटी दीवार से गली में कूद गया। कूदने के दौरान वह सड़क पर गिरा तो मामूली रूप से चोटिल भी हो गया। हालांकि, वह उठकर तेजी से स्टेशन रोड की तरफ भाग गया। स्टेशन की तरफ सुबह टहलने वाले लोगों में से कई ने इंस्पेक्टर को भागते देखा तो वे भी हैरान रह गए। वहां से वह डायट रोड होते हुए मेन रोड पर पहुंचा और किसी परिचित के वाहन से दूर निकल गया।

तस्करों का दोस्त था रामसेवक, अफसरों के बारे में देता था जानकारी
इंस्पेक्टर रामसेवक के बारे में नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि वह फरीदपुर क्षेत्र के स्मैक तस्करों से उगाही के साथ-साथ उनके लिए अफसरों की मुखबिरी भी करता था। वह अधिकारियों के मूवमेंट और संबंधित तस्करों पर कार्रवाई को लेकर होने वाले मंथन की जानकारी तस्करों तक पहुंचाता था। 

इससे तस्करों को अपने खिलाफ पुलिस की संभावित कार्रवाई का पता लग जाता था और वह उसकी काट खोज लेते थे। रामसेवक के मोबाइल भले ही लॉक हों पर इन्हें खुलवाकर विवेचक संबंधित तथ्यों की पुष्टि कर सकते हैं। बता दें कि ठीक इसी तरह की मुखबिरी फतेहगंज पश्चिमी थाने के प्रभारी रहे मनोज कुमार करते थे जिनके मोबाइल से मुखबिरी के कई साक्ष्य मिले थे।
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अधिकारियों की गतिविधियों की जानकारी पहुंचा रहा कारखास
सूत्र बता रहे हैं कि थाने से फरार हुए इंस्पेक्टर का कारखास अधिकारियों के मूवमेंट की सूचनाएं अब भी पहुंचा रहा है। रामसेवक के कई कारखास फरीदपुर थाने में तैनात थे। इनमें से कई पर एसएसपी ने कार्रवाई कर दी है। सूत्र बताते हैं कि रामसेवक का सबसे विश्वस्त पुलिसकर्मी अभी कार्रवाई से बचा हुआ है। वह एक छोटा मोबाइल फोन अपने पास रख रहा है और उसी से वह कार्रवाई एवं थाने में हो रही गतिविधियों के बारे में जानकारी फरार इंस्पेक्टर तक पहुंचा रहा है।

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