आंतों में कीड़े पड़ना बनी मौत की वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष के बाद बाघिन घायल हुई। इसके बाद संभवतः जंगली सुअर का मांस खाने से बाघिन के पेट में परजीवी संक्रमण हुआ, इससे बाघिन की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। आंतों में ब्लीडिंग भी होने लगी। संक्रमण के कारण वह भोजन भी नहीं कर पा रही थी। इससे वह कमजोर होती गई। उसकी मौत की वजह भी यही माना जा रहा है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि आईवीआरआई में विशेषज्ञों के पैनल ने बाघिन का पोस्टमॉर्टम किया। जांच में कान के पीछे, गर्दन और रीढ़ के पास पुराने जख्म मिले, जिनमें कीड़े पड़ चुके थे। प्रथम दृष्टया यह चोटें आपसी संघर्ष की हैं। आंतों में भी कीड़े मिले हैं, इससे संक्रमण हो गया था। संभवतः इसी कारण बाघिन खाना-पीना छोड़ चुकी थी।
चार कैमरों से शुरू की निगरानी, टीमों को भी किया अलर्ट
बाघिन के घायल अवस्था में मिलने और आपसी संघर्ष की बात सामने आने के बाद अधिकारी अलर्ट हो गए। डीएफओ मनीष सिंह के अनुसार घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में चार कैमरे लगा दिए गए। इसके अलावा टीमों को भी अलर्ट किया गया है। संघर्ष की स्थिति परखने के लिए लगातार सतर्कता बरती जा रही है।