बरेली। जिले के निवेशकों के लिए भी शेयर बाजार में गिरावट की वजह से सोमवार का दिन बेहद दुखदायी रहा। सुबह उछाल के साथ शुरुआत होने के बाद जब वैश्विक स्तर पर एक-एक कर अप्रिय खबरें आनी शुरू हुईं तो शेयर बाजार भी झटके खाने लगा। वैश्विक बिकवाली शुरू हुई तो सेंसेक्स तेजी से गिरने लगा। सबसे तगड़ा झटका मुंबई में कोरोना संक्रमण की वजह से रात में कर्फ्यू लगाने की खबर से लगा। 1407 अंकों की गिरावट के साथ पिछले कई दिनों से निवेशकों के लिए बना सुखद माहौल छिन्न-भिन्न हो गया।
ट्रस्ट लाइन कंपनी के स्थानीय प्रबंधक धीर सिंह ने बताया कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1406.73 अंक यानी करीब तीन फीसदी की गिरावट के साथ 45,553.96 पर बंद हुआ, हालांकि सोमवार सुबह सेंसेक्स 46,932.18 अंक पर खुला था। इसकी वजह से निवेशकों में उत्साह था। दोपहर सवा बजे तक भी सेंसेक्स लगातार बढ़त के साथ 47,055.69 अंक तक पहुंचा लेकिन इसके बाद इसमें गिरावट आनी शुरू हो गई और शाम को अपने न्यूनतम स्तर पर गिरकर बंद हुआ। उन्होंने बताया कि दोपहर तक शेयर बाजार में खरीदारी का अच्छा-खासा माहौल था लेकिन कारोबार को प्रभावित करने वाली खबरें आने के साथ बिकवाली शुरू हो गई और बाजार गिरने लगा।
यूरोप के बाजारों के गिरावट के साथ खुलने का भी असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। इसी वजह से दोपहर बाद गिरावट आनी शुरू हुई। वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा असर इंग्लैंड में कोरोना वायरस का नए प्रकार का स्ट्रेन आने से पड़ा। माना जा रहा है कि इस खबर ने दुनिया भर में फिर तनाव बढ़ा दिया। इस वजह से 31 दिसंबर तक कई देशों के ब्रिटेन से आने-जाने वाली सभी फ्लाइट बंद कर दी गई हैं। ब्रिटेन में सख्त लॉकडाउन भी लगा दिया गया। इसे शेयर बाजार में गिरावट आने की एक अहम वजह बताया जा रहा है। कारोबारी इसकी मुख्य वजह मुंबई में रात्रि कर्फ्यू का लगाया जाना भी मान रहे हैं। यह कर्फ्यू रात्रि 11 बजे से सुबह छह बजे तक लगाया गया है। इस घटना क्रम से तमाम लोग जो शेयर की खरीद फरोख्त करते थे सोमवार को उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ा। ट्रस्ट लाइन के प्रबंधक धीर सिंह ने संभावना जताई कि बैंकिंग सेक्टर में गिरे कुछ शेयर एक-दो दिन में उठ सकते हैं।