बरेली। पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते रसोई गैस की आपूर्ति में अड़चन का असर खाद्य प्रसंस्करण और पैकेजिंग उद्योगों पर दिखने लगा है। सिलिंडर न मिलने से दूसरे जिले व राज्वों के मजदूरों के सामने भोजन का संकट है। वह घर लौटने लगे हैं। इससे इकाइयों का उत्पादन दस फीसदी तक घट गया है।
उद्यमियों के मुताबिक, फैक्टरियों में बरेली समेत अन्य जिलों और प्रदेशों के मजदूर कार्य करते हैं। वह फैक्टरी परिसर समेत आसपास के क्षेत्रों में किराये पर रहते हैं। इनके पास एलपीजी के वैध कनेक्शन नहीं है। गैस आपूर्ति पर संकट की स्थिति से पूर्व किसी तरह सिलिंडर की व्यवस्था कर रहे थे। अब वैध कनेक्शन से ही बुकिंग और डिलीवरी का पेच फंस गया है। पूर्व में भरा सिलिंडर खत्म होने पर उन्हें फैक्टरी से सिलिंडर उपलब्ध कराए गए, लेकिन अब फैक्टरी संचालन के लिए ही सिलिंडर नहीं मिल रहे।
ऐसे में कई मजदूरों के सामने भोजन का संकट उत्पन्न हो गया है। इसके चलते वे अपने घर लौटने को विवश हैं। दूसरी ओर, पैकिंग मैटेरियल की कीमत भी 80 रुपये प्रति किलो बढ़ गई है। इसकी उपलब्धता भी कम है। लिहाजा, उत्पादन कम करना पड़ा, ताकि तैयार माल की पैकिंग हो सके। इसी के सापेक्ष उत्पादन और आय घट गई है।
आशंका : ठप हो सकता है उत्पादन
आईआईए बरेली चैप्टर के चेयरमैन मयूर धीरवानी के मुताबिक, अभी जो सिलिंडर हैं, उनसे काम चल रहा है। लंबे समय तक आपूर्ति प्रभावित होगी तो उत्पाद तैयार करने में मुश्किल होगी। नमकीन, कुकीज, भुजिया, बेकरी उत्पाद तैयार करने में और पैकिंग यूनिटों में एलपीजी का ही इस्तेमाल होता है। प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर कॉमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध कराने की मांग करेंगे।
मानव संसाधन के बिना उत्पादन मुश्किल
परसाखेड़ा स्थित नमकीन और बिस्किट फैक्टरी के संचालक केके चंदानी के मुताबिक, करीब 20 फीसदी मजदूर घर लौट गए हैं। सिर्फ स्थानीय मजदूर ही काम कर रहे हैं। कच्चा माल न मिलने से संबंधित व्यापारी मनमुताबिक दाम वसूल रहे हैं। बाजार में उत्पाद की कीमत अचानक नहीं बढ़ा सकते। इसलिए अपना मुनाफा कम कर आपूर्ति सुचारु रखी है।
स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के सामने भी संकट
सड़कों के किनारे खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों को सिलिंडर मिलना मुश्किल हो रहा है। पीलीभीत बाइपास रोड पर मैगी और आमलेट विक्रेता अमन ने कहा कि दो सिलिंडर भरवा लिए थे। इनके खत्म होने के बाद दुकान बंद करनी पड़ेगी। बटलर प्लाजा के सामने ठेला लगाकर फास्ट फूड विक्री करने वालों ने भी कहा कि सप्ताहभर में सिलिंडर नहीं मिला तो कामकाज बंद हो जाएगा।
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गांव जाफरपुर में दुकान से 22 गैस सिलिंडर जब्त, रिपोर्ट दर्ज
- पूर्ति निरीक्षक ने छापा मारकर किया भंडाफोड़
संवाद न्यूज एजेंसी
शीशगढ़। पूर्ति निरीक्षक ने शनिवार देर शाम गांव जाफरपुर निवासी इस्लाम की दुकान पर छापा मारकर 22 गैस सिलिंडर जब्त कर लिया। पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज करके इस्लाम को गिरफ्तार किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस्लाम ने लोगों की पासबुक जमा करा रखी है। वह उनके कनेक्शन पर सिलिंडर लेकर उसे महंगे दाम पर बेचता है।
पूर्ति निरीक्षक रवि कुमार सक्सेना ने बताया कि कालाबाजारी की सूचना पर पुलिस टीम के साथ इस्लाम की दुकान पर छापा मारा। वहां मिले 22 सिलिंडर जब्त किए गए। इनमें तीन भरे और 19 खाली हैं। इस्लाम के पास सिलिंडरों का भंडारण करने के लिए कोई लाइसेंस भी नहीं मिला है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। पूछताछ में इस्लाम ने बताया कि घर के बाहर उसकी दुकान है। वह ग्रामीणों की किताब लेकर उनके गैस सिलिंडर जमा कर लेता है। रीफिल सिलिंडरों को दुकान में रखता है। इस्लाम ने बताया कि उसके और बीबी के नाम से दो कनेक्शन हैं। घर में चार सिलिंडर इस्तेमाल होते हैं।