ठेकेदारी में उतरते ही जुटने लगी चल-अचल संपत्ति
बताते हैं कि रमेश गंगवार का पैतृक कारोबार काश्तकारी है। दो भाई अभी कृषि कार्य से जुड़े हैं। लेकिन रमेश ठेकेदारी में उतरे तो कुछ ही वर्षों में काफी चल-अचल संपत्ति भी बना ली। बीते दिनों लोकसभा चुनाव में चुनाव लड़ने के लिए एक राष्ट्रीय पार्टी से टिकट मांगे जाने की भी चर्चाएं जोरों पर थीं। बीते दिनों अल्मोड़ा में निर्माण कार्य का एक बड़ा टेंडर भी हासिल किया है।