आयकर विभाग ने गुरुवार को शहर के प्रमुख बरातघरों और उनके संबंधित स्थानों पर अचानक छापा मारा। इसमें टैक्स की भारी हेराफेरी आमने आई है। देर रात तक सात स्थानों पर कार्रवाई चलती रही। विभागीय अफसरों ने बताया कि बरातघर रिटर्न भरते समय बेहद कम आय दर्शाते थे, जबकि बुकिंग कराने वालों से कई गुना वसूलते थे।
आयकर विभाग ने पहली बार बरेली मंडल में बरातघर, बैंक्वेट हॉल आदि स्थानों पर संयुक्त छापे की कार्रवाई शुरू कराई है।
विभाग ने पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों के बाद गुरुवार दोपहर बरेली शहर में सात स्थानों पर एक साथ छापा मारा। प्रधान आयकर आयुक्त शिशिर अग्रवाल के नेतृत्व में पीलीभीत बाईपास स्थित मेफेयर, रेडिशन लॉन, फ्लोरा, मन्नत, फहम, जलसा और मिनी बाईपास पर निर्मल बरातघर पर टीमों ने छापे मारे। टीम ने इनसे जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों से भी अभिलेख जुटाए हैं।
खुलासा हुआ है कि बरातघर और बैंक्वेट हॉल मालिक कागजों में आमदनी कम दर्शाते हैं, जिससे लाखों रुपये प्रतिमाह की टैक्स चोरी होती है। टैक्स से जमा होने वाली अवैध कमाई दूसरे प्रोजेक्टों पर लगाई जा रही है। कई ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनमें ज्यादातर बरातघर मालिकों ने अवैध कमाई को रियल एस्टेट, होटल, प्रॉपर्टी आदि में खपाया है। आयकर विभाग अवैध कमाई से बनी प्रॉपर्टी को चिह्नित करेगा। विभागीय अफसरों ने बताया कि सभी स्थानों पर लाखों रुपये की टैक्स हेराफेरी के साक्ष्य मिले हैं।