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Bareilly News: इस साल की पहली छमाही में हादसों में 85 मौतें ज्यादा, घायलों का आंकड़ा भी बढ़ा

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बरेली। सरकार सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए तमाम उपाय कर रही है, लेकिन सरकारी मशीनरी सही ढंग से काम नहीं कर रही। नजीजा, हादसों में जान गंवाने वालों का आंकड़ा घटने के बजाय बढ़ रहा है। आंकड़ों की बाजीगरी कर अफसर खुद अपनी पीठ थपथपा रहे हैं, जबकि बीते साल के मुकाबले इस साल की पहली छमाही में बरेली मंडल में हुए सड़क हादसों में 85 मौतें ज्यादा हुई हैं। घायलों का आंकड़ा भी बढ़ा है।
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पिछली छमाही के मुकाबले इस छमाही में शाहजहांपुर में 17.5, बदायूं में 13.5 और पीलीभीत में 15.1 फीसदी ज्यादा सड़क हादसे हुए हैं। बरेली में हादसों का आंकड़ा 13.5 फीसदी गिरा है, लेकिन मृ़तकों की संख्या में पांच फीसदी इजाफा हुआ है। जनवरी से जून 2024 तक बरेली में 554 दुर्घटनाओं में 220 लोगों ने जान गंवाई थी और 576 लोग घायल हुए थे। इसी अवधि में इस साल 479 सड़क दुर्घटनाओं में 231 लोगों की जान चली गई और 449 लोग घायल हो गए।
शाहजहांपुर में पिछले साल की पहली छमाही में 413 हादसों में 232 लोगों की मौत हुई थी, जबकि इस बार 478 हादसों में 243 लोग जान गवां बैठे। बदायूं में पिछले साल की पहली छमाही में 281 हादसों में 181 लोगों की मौत हुई थी, जबकि इस बार 319 हादसों में 218 लोगों की मौत हुई। पीलीभीत में जनवरी से जून 2024 तक 232 हादसों में 117 लोगों की मौत हुई थी। इस साल जून तक 267 हादसों में 143 लोगों की जान चली गई।
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पिछले साल की पहली छमाही में मंडल के चारों जिलों में सड़क हादसों में 750 लोगों की मौत हुई थी, इस बार यह संख्या 835 पहुंच गई है। मंडल में हादसों का ग्राफ बढ़ने के साथ-साथ मृतकों और घायलों के आंकड़ों में भी उछाल आया है। ऐसे में सरकार की हादसों और मृतकोंं की संख्या का आंकड़ा 50 फीसदी तक नीचे लाने की जद्दोजहद कामयाब होती नजर नहीं आ रही। आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा का कहना है कि बरेली में हादसे कम हों, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। संवाद
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