दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ लिखाई थी मारपीट, रंगदारी मांगने और रिवाल्वर तानने की रिपोर्ट, अब दोनों पक्ष धान क्रय केंद्र से हटे
फरीदपुर के धान क्रय केंद्र द्वितीय पर सप्ताह भर चली जद्दोजहद, अब सचिव खुद करेगा खरीद
फरीदपुर। किसान जिस समर्थन मूल्य के लिए बड़ी लड़ाई लड़ने को कमर कस चुके हैं, उसमें हिस्सेदारी के लिए मंत्री और विधायक के समर्थकों के बीच शुरू हुआ जबर्दस्त टकराव आखिरकार चुनावी साल का लिहाज में टल गया। दोनों ओर से मारपीट, रंगदारी मांगने और रिवाल्वर तानने जैसे आरोपों में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब दोनों पक्षों को धान क्रय केंद्र से हटा दिया गया है। क्रय केंद्र पर तैनात सचिव अब खुद धान की खरीद करेगा।
माना जा रहा है कि सरकारी धान खरीद की कमाई के बंटवारे को लेकर मंत्री और विधायक समर्थकों में खुलेआम टकराव पर फजीहत होने के बाद पार्टी में भी इसका संज्ञान लिया गया, तब कहीं दोनों पक्षों को हटाकर क्रय केंद्र के सचिव से ही धान खरीद कराने का निर्णय लिया गया। बता दें कि फरीदपुर में इस क्रय केंद्र पर हैंडलिंग का ठेका मंत्री के समर्थक विशंभर दयाल का था जो शाहजहांपुर में रहते हैं। हैंडलिंग ठेकेदार को चूंकि सेंटर पर लेबर लगाकर किसानों का धान तुलवाने से लेकर उसे बोरियों में पैक कराना होता है जो वह शाहजहांपुर में रहकर नहीं कर पा रहे थे। इसी कारण उन्होंने यह काम विधायक के समर्थक प्रमोद राठौर को सौंप दिया था।
सरकारी तौर पर हैंडलिंग ठेकेदार को एक क्विंटल धान की खरीद पर सिर्फ आठ रुपये का कमीशन दिया जाता है फिर भी मुनाफे के बंटवारे पर मंत्री और विधायक समर्थक में ठन गई। बताया जाता है कि विवाद तब शुरू हुआ जब मंत्री समर्थक ठेकेदार ने विधायक समर्थक से पूरे कमीशन की मांग करते हुए लेबर का खर्च भी ऊपरी कमाई से देने के लिए दबाव डाला। विधायक समर्थक के इससे इनकार करने के बाद दोनों पक्षों में मारपीट तक नौबत पहुंच गई। आखिरकार दो दिसंबर को पहले मंत्री समर्थक की ओर से विधायक समर्थक समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। तीन दिसंबर को विधायक समर्थक ने भी मंत्री समर्थक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी।
बताया जाता है कि पुलिस इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की इच्छुक नहीं थी लेकिन दोनों पक्षों की ओर से उनके आकाओं का दबाव पड़ा तो रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी। हफ्ते भर तक यह मामला लगातार तूल पकड़ता रहा। आखिरकार चुनावी साल में फजीहत होते देख पार्टी की ओर से इस मामले में हस्तक्षेप किया गया। इसके बाद क्रय केंद्र से मंत्री और विधायक दोनों के समर्थक हटा दिए गए। अफसरों के मुताबिक अब खरीद केंद्र का सचिव ही धान की खरीद करेगा।
टकराव बढ़ा तो क्रय केंद्र छोड़कर भाग गई लेबर
मारपीट के बाद दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज कराए जाने का नतीजा यह हुआ दहशत में आई क्रय केंद्र की लेबर भी काम छोड़कर भाग गई। क्रय केंद्र के प्रभारी रवि प्रताव सिंह ने बताया कि लेबर न होने की वजह से धान की खरीद करने में दिक्कत हो रही है। फिलहाल फरीदपुर के ही धान खरीद केंद्र प्रथम की लेबर की मदद से धान तुलवाया जा रहा है।
फरीदपुर धान क्रय केंद्र द्वितीय के ठेकेदार पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब हैंडलिंग का चार्ज किसी के पास नहीं है। सेंटर प्रभारी खुद फरीदपुर प्रथम धान क्रय केंद्र की लेबर से धान तुलवा रहे हैं। - सुनील भारती, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
मैं दो-तीन दिन से पार्टी के कार्यक्रम के चलते एटा गया हुआ था। इस वजह से धान खरीद केंद्र के विवाद की मुझे जानकारी नहीं है। इसे दिखवाया जाएगा।
- वीर सिंह पाल, आंवला जिलाध्यक्ष, भाजपा