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Bareilly News: विवाहिता की हत्या के मामले में पति और सास दोषमुक्त, कोर्ट ने तुरंत रिहा करने का दिया आदेश

Sat, 08 Feb 2025 02:38 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में दहेज हत्या के आरोपी पति व सास को दोषमुक्त करार दिया गया। फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने पुलिस पर तल्ख टिप्पणी की। 
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जनपद न्यायालय,बरेली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में दहेज हत्या के आरोपी पति व सास को अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने शुक्रवार को दोषमुक्त करार देते हुए तुरंत रिहा करने के आदेश दिए। न्यायालय ने कहा कि मामले में विवेचक सीओ नवाबगंज हर्ष मोदी, एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा की ओर से अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया गया। किसी आधार के बिना ही पति और सास के गिरफ्तार किया गया था। 

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घटना 14 फरवरी 2024 को हाफिजगंज थाना क्षेत्र के धर्मपुर में हुई थी। देवरनियां थाना क्षेत्र के टकिया निवासी नरायन दास ने बताया कि उसकी पुत्री सुमन का विवाह नेत्रपाल के साथ चार मई 2017 को हुआ था। पति नेत्रपाल, ससुर पोशाकी लाल, सास चंद्रकली व ननद फुला देवी ने 14 फरवरी 2024 को सुमन को फंदे से लटकाकर मार दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के बाद पति व सास के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया। 

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न्यायालय ने कहा कि विवेचक सीओ हर्ष मोदी के बयान से स्पष्ट है कि गहनता से विवेचना नहीं की गई है। न्यायालय ने पाया कि संतान न होने की वजह से सुमन ने आत्महत्या की थी। घटनास्थल से प्रेगनेंसी टेस्ट किट भी बरामद हुई थी। इसे देखते हुए न्यायालय ने मृतका के पति नेत्रपाल और सास चंद्रकली को दोषमुक्त कर दिया। 

कोर्ट की टिप्पणी... लापरवाही का सर्वोत्तम उदाहरण
न्यायालय ने कहा कि नरायन दास की ओर से नेत्रपाल व चंद्रकली को बिना किसी आधार के गिरफ्तार कराया गया। पुलिस की ओर से भी शक्तियों के दुरुपयोग व विवेचना के स्तर पर लापरवाही का यह सर्वोत्तम उदाहरण है।

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उलमा विवाद मामले में सुनवाई अब 13 फरवरी को
उलमा के बीच चल रहे विवाद में आरोपी उलमा को एडीजे-आठ ने शुक्रवार को तलब किया था। इसमें आरोपी उलमा के न पहुंचने पर कोर्ट ने अगली तारीख 13 फरवरी दी है। इस दौरान वादी मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ही कोर्ट में मौजूद थे। कोर्ट ने अगली तिथि पर उलमा को पहुंचने को कहा है। मुफ्ती खुर्शीद आलम, मुफ्ती मोहम्मद उमर व मुफ्ती गुलाम मुस्तफा ने बताया कि वह अदालत देर से पहुंचे थे। 
 
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