बरेली में दहेज हत्या के आरोपी पति व सास को अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने शुक्रवार को दोषमुक्त करार देते हुए तुरंत रिहा करने के आदेश दिए। न्यायालय ने कहा कि मामले में विवेचक सीओ नवाबगंज हर्ष मोदी, एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा की ओर से अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया गया। किसी आधार के बिना ही पति और सास के गिरफ्तार किया गया था।
घटना 14 फरवरी 2024 को हाफिजगंज थाना क्षेत्र के धर्मपुर में हुई थी। देवरनियां थाना क्षेत्र के टकिया निवासी नरायन दास ने बताया कि उसकी पुत्री सुमन का विवाह नेत्रपाल के साथ चार मई 2017 को हुआ था। पति नेत्रपाल, ससुर पोशाकी लाल, सास चंद्रकली व ननद फुला देवी ने 14 फरवरी 2024 को सुमन को फंदे से लटकाकर मार दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। विवेचना के बाद पति व सास के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया।
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न्यायालय ने कहा कि विवेचक सीओ हर्ष मोदी के बयान से स्पष्ट है कि गहनता से विवेचना नहीं की गई है। न्यायालय ने पाया कि संतान न होने की वजह से सुमन ने आत्महत्या की थी। घटनास्थल से प्रेगनेंसी टेस्ट किट भी बरामद हुई थी। इसे देखते हुए न्यायालय ने मृतका के पति नेत्रपाल और सास चंद्रकली को दोषमुक्त कर दिया।
कोर्ट की टिप्पणी... लापरवाही का सर्वोत्तम उदाहरण
न्यायालय ने कहा कि नरायन दास की ओर से नेत्रपाल व चंद्रकली को बिना किसी आधार के गिरफ्तार कराया गया। पुलिस की ओर से भी शक्तियों के दुरुपयोग व विवेचना के स्तर पर लापरवाही का यह सर्वोत्तम उदाहरण है।