बरेली। महिलाओं की चोटी कटने के मामले में खानकाह नियाजिया के डा. कमाल मियां नियाजी का कहना है कि इस माले में वहम न पालें। बल्कि महिलाएं सिर को ढक कर रखें और दुआएं पढ़ती रहें।
शहर में इन दिनों महिलाओं की चोटी कटने का घटनाएं हो रहीं हैं। इसी की शिकार बाकरगंज निवासी दिलशाद बेगम उर्फ मैना भी हुई। जो अपना इलाज कराने खानकाह नियाजिया में डा. कमाल मियां नियाजी के पास पहुंची। मैना का बताना है कि वो घर में थी। बाहर का दरवाजा खटका तो वो दरवाजा खोलने चली गई। जैसे ही दरवाजा खोला एक बिल्ली दिखी और चोटी कट कर जमीन पर गिर पड़ी। इतने पर वो बेहोश हो गई। फिर पता नहीं क्या हुआ। थोड़ी देर बाद होश आया तो आंखों से दिखाई नहीं दे रहा था। फिर घर वाले यहां कमाल मियां के पास ले आए। उनके रूहानी इलाज से अब तबयत ठीक और आंखों से भी दिखाई दे रहा है।
इधर कमाल मियां कहना है कि यह क्या है कुछ कहा नहीं जा सकता है। फिर जो तरह तरह की अफवाह फैली है कि लोग शय और जिन्न तक की बात कर रहे हैं। इस पर लोगों को यकीन नहीं करना चाहिए। वो खुद भी इस तरह की बातों के कायल नहीं है। उन्होंने बताया कि इस तरह के तमाम फोन भी उनके पास आ रहे हैं वो सभी को यह मशवरा दे रहे हैं कि महिलाएं सिर ढक कर रहें। पढ़ने के लिए दुआएं बता रहे हैं जिसे हर वक्त पढ़ती रहें। खास तौर नमाज कायम करने पर जोर दे रहा हैं।