इससे पहले शनिवार को भोर में करीब पांच मिमी बारिश के बाद घने बादल मंडराते रहे, पर तेज बारिश की उम्मीदों पर उच्च वायुदाब भारी पड़ा। दोपहर दो बजे के बाद धूप निकलने लगी और अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। शाम को आसमान साफ रहा लेकिन नमी की अधिकता से हवा ने राहत का अहसास कराया। न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बाढ़ खंड की सतर्कता और अपील
पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश के मद्देनजर बाढ़ खंड ने सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि, रामगंगा और किच्छा समेत जिले की प्रमुख नदियों का जलस्तर अभी सामान्य है। इसके बावजूद, बाढ़ चौकी प्रभारियों और संबंधित समितियों को अलर्ट कर दिया गया है। नियंत्रण कक्ष से भी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बाढ़ खंड के सहायक अभियंता राहुल ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को निर्देश दिए गए हैं कि जलस्तर में बढ़ोतरी होने पर तत्काल सूचना दें। संवेदनशील गांवों और तटवर्ती क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील है कि नदियों का जलस्तर बढ़ने पर तुरंत नियंत्रण कक्ष के नंबर 0581-2511664 पर सूचना दें।
शाहजहांपुर में जलभराव ने बढ़ाईं मुश्किलें
शाहजहांपुर में रविवार सुबह से शुरू हुई बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई। लगातार हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, बारिश के साथ ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या भी सामने आई, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा।
सुबह से दोपहर करीब 12 बजे तक रुक-रुककर हुई बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। जलभराव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर जलनिकासी की व्यवस्था कमजोर पड़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। लगातार बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है।
कलान और मिर्जापुर क्षेत्र में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को कटान और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका सताने लगी है। प्रशासन भी नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। मौसम में आई ठंडक से लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन जलभराव और नदी के बढ़ते जलस्तर ने बरसात के शुरुआती दौर में ही व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।