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उत्तराखंड बॉर्डर ई-पास के नाम पर अवैध वसूली जारी

Mon, 05 Oct 2020 02:04 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

दलाल हैं कि मानते नहीं.. अब बच्चों को लगा रहे हैं दांव पर
 
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ई पास बनवाते लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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विस्तार
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देवरनियां से लेकर उत्तराखंड सीमा तक जगह-जगह सड़क किनारे सजा रखी हैं दुकानें
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छोटे बच्चों से पास लिखी तख्तियां दिखवाकर रोकते हैं कार चालकों को

बहेड़ी। उत्तराखंड सरकार ने ई-पास के बिना राज्य में दाखिल न होने देने का फरमान क्या सुनाया हाईवे पर दलालों की लॉटरी लग गई। बार बार उन्हें हटाया गया लेकिन वे नहीं माने और अवैध वसूली के इस धंधे को चालू रखा। वे हर बार नया तरीका इजात करते हैं। इस बार मासूमों की जान दांव पर लगाकर उनसे हाईवे पर बरेली की दिशा से आती तेज रफ्तार कारों को रुकवाते हैं। उन्हीं से उत्तराखंड जाने के लिए ईपास बनवाने के लिए कहते हैं और सौदा भी यही बच्चे तय करते हैं।
ये सारे नजारे नैनीताल हाईवे पर देवरनियां से लेकर उत्तराखंड सीमा पर बसे गांव डंडिया तक थोड़ी-थोड़ी दूरी पर देखने को मिल जाएंगे। अनगिनत दुकानें अवैध रुप से ई-पास बनाने के लिए खुली हुई हैं। कहीं होटल तो कहीं दूसरी दुकानों की आड़ में ई-पास बनाने के लिए लैपटॉप या कंप्यूटर के साथ प्रिंटर लगा रखे हैं। सड़क किनारे भी कुछ लोगों ने ऐसे अड्डे बना लिए हैं। आबादी से दूर वाले इलाकों में सड़क किनारे छतरी के नीचे लोग पूरे दिन बैठकर यह काम कर रहे हैं।
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इन दलालों को रोकने के लिए प्रशासन ने कई बार प्रयास किए, लेकिन प्रशासन इन पर लगाम नहीं लगा पाया तो तय किया कि ई-पास बनाने और उसके प्रिंट के लिए कोई 20 रुपये से ज्यादा नहीं लेगा। कुछ दिन के बाद ही ये दलाल फिर अपनी पुरानी आदत में आ गए और मनमानी वसूली चालू कर दी है। कार चालकों की संवेदना पाने के लिए इन दलालों ने इन सेंटरों पर गांव के नाबालिग बच्चों को लगाया है। साथ ही उनकी आड़ में खुद के बचने का तरीका भी ढूंढ लिया है।
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इन बच्चों के हाथ में ई-पास लगी तख्तियां थमा दी हैं। जैसे ही बरेली की दिशा से कोई कार आती है, बच्चे उन्हें रोकने के लिए दौड़ पड़ते हैं। फिर मासूम कार चालक से ई-पास के बिना उत्तराखंड में प्रवेश न मिलने की बात कहते हुए चालक से 30 से लेकर 50 रुपये में सौदा तय कर लेते हैं और कार चालक को चंद कदम दूर अपने सेंटर पर ले जाते हैं। इन मासूमों ने बताया कि सेंटर संचालक उन्हें सौ रुपये प्रतिदिन देते हैं। अगर एक ई-पास पचास रुपये से ज्यादा का बनवाने में वे सफल हो जाते हैं तो वसूली गई अतिरिक्त रकम में से आधी उनकी होती है।

मुझे इस धंधे की जानकारी नहीं है अगर ऐसा है तो चेक कराया जायेगा। इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। -राजेश चंद्र, एसडीएम, बहेड़ी

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