बरेली। अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए पट्टाधारकों को सीसीटीवी कैमरे लगाना अब जरूरी होगा। प्रशासन भी ड्रोन एवं क्लाउड सर्विसेज के जिरए खनन की निगरानी करेगा। शासन की गाइड लाइंस आने के बाद प्रशासन इसे प्रभावी ढंग से लागू कराने की तैयारी कर रहा है।
अवैध खनन को काबू करने के लिए इंटीग्रेटेड माइंस सर्विलांस सिस्टम तैयार किया जा रहा है। अब पांच हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले के पट्टा धारकों को सीसीटीवी कैमरा और आईएफआईडी स्कैनर लगाना अनिवार्य होगा। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में पट्टाधारकों के साथ-साथ अवैध खनन करने वाले को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। शासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि खनन पट्टाधारक या अन्य किसी व्यक्ति द्वारा अवैध खनन या उपखनिज के परिवहन का आरोप सिद्ध पाया जाता है तो उसे दो साल या उससे अधिक समय के लिए काली सूची में डाल दिया जाएगा। साथ ही विभाग की वेबसाइट पर उनका नाम अपलोड किया जाएगा। इस अवधि के दौरान उसे खनन पट्टा देने पर प्रतिबंध रहेगा।