बरेली जिले के परिषदीय स्कूलों में निपुण असेसमेंट के दौरान रुपये मांगने का मामला सामने आया है। प्राथमिक विद्यालय परेवा कुईया में निपुण असेसमेंट करने पहुंचे डीएलएड प्रशिक्षुओं पर शिक्षकों से रुपये मांगने का आरोप लगा है। इसका वीडियो वायरल भी वायरल हो रहा है।
बरेली के बिथरी चैनपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय परेवा कुईया में निपुण असेसमेंट के लिए पहुंचे डायट के डीएलएड प्रशिक्षुओं पर शिक्षकों से रुपये मांगने का आरोप लगा है। वायरल हो रहे वीडियो में असेसमेंट टीम के सदस्य स्कूल को निपुण घोषित करने के बदले 5,000 से 10,000 रुपये मांगते व शिक्षकों से मोलभाव करते दिख रहे हैं। तर्क दे रहे हैं कि शिक्षा विभाग में बहुत पैसा है और असेसमेंट की प्रक्रिया को सफल दिखाने के लिए यह राशि देनी होगी।
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वीडियो में रुपयों की बात करते दिख रहे डीएलएड प्रशिक्षु सुमित ने बताया कि यह वीडियो एडिटेड है। उन्होंने रुपयों की मांग नहीं की है। रोहित ने बताया कि वीडियो को पूरा नहीं दिखाया गया है। रुपये मांगने के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। स्कूल में बच्चे कम थे और जो थे वह निपुण लायक नहीं थे। उन्होंने बताया कि विद्यालय को निपुण घोषित करने के लिए उल्टे उन पर ही दबाव बनाया गया। संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करती।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) फरीदपुर की प्राचार्य दीप्ति वार्ष्णेय ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में भी आया है। उसकी जांच कराई जाएंगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई कराई जाएंगी।