बाजारों में बेशुमार भीड़, अधिकतर लोगों के चेहरों से मास्क गायब
बरेली। बाजारों में उमड़ रही भीड़ को देखकर लगता है कि अब शायद लोग कोरोना संक्रमण को लेकर फिक्रमंद नहीं हैं। मंगलवार को बाजारों में खूब भीड़ नजर आई। लोगों के चेहरों से मास्क गायब थे। दो गज की दूरी का पालन भी कहीं नहीं होते दिखा। सोमवार को ही जिले में 11 कोविड मरीज मिले हैं। ऐसे में तीसरी लहर से बचना मुश्किल लग रहा है।
दूसरी लहर से भी लोगों ने कोई सबक नहीं लिया है। अब जब तीसरी लहर की चेतावनी दी जा रही तो लोग और भी लापरवाह नजर आ रहे हैं। कोरोना से बचाव के लिए लोगों से मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए लगातार कहा जा रहा है, लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं है। शहर में रोजाना उमड़ रही भीड़ कोरोना से बचाव के लिए किसी भी नियम का पालन नहीं कर रही है। प्रशासन भी इसे लेकर गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। नगर निगम ने तो वर्ष 2021 में एक भी चालान नहीं काटा है। नगर निगम का तर्क है कि चालान काटने की जिम्मेदारी पुलिस की है। चिकित्सकाें का कहना है कि सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। बिना मास्क के बाहर किसी भी हाल में न निकलें। सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें और कोविड के लक्षण दिखने पर जांच जरूर कराएं।
स्थान- कुतुबखाना
बाजार में रोजाना भीड़ उमड़ रही है। भीड़ में शामिल नब्बे फीसदी लोग बिना मास्क के ही होते हैं। शारीरिक दूरी का पालन तो हो ही नहीं रहा है। दुकानदारों का कहना है कि यह संभव भी नहीं है, लेकिन मास्क लगाना संभव है। भीड़ में शामिल लोग इसका भी पालन नहीं कर रहे हैं। यह स्थिति भारी पड़ सकती है।
स्थान- बड़ा बाजार
बड़ा बाजार में दुकानों पर खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ती है। यहां खरीदार और दुकानदार दोनों ही कोविड नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। दुकानदार भी बिना मास्क के दिख रहे हैं। खरीदार तो बेपरवाही कर ही रहे हैं। दुकानों पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल होना भी अब बंद हो गया है।
स्थान-जिला अस्पताल
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना एक हजार से अधिक लोग पहुंचते है। यहां सबसे अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है लेकिन यहां किसी नियम का पालन नहीं हो रहा है। ओपीडी में पहुंचने वाले लोग बीमार ही होते हैं। सब एक-दूसरे से सट कर खड़े रहते हैं। यही हाल ओपीडी के बाहर दवा और पर्चा काउंटर का है।
स्थान- रोडवेज बस अड्डा
रोडवेज बस अड्डे का हाल तो और भी खराब है। यहां जमकर भीड़ हो रही है। प्लेटफार्म से लेकर बस के अंदर तक लोग मास्क का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। स्थिति खराब बनी हुई है। यहीं दिनभर ऑटो खड़े रहते हैं। वे बसों से उतरी सवारियों को शहर में ले जाने के लिए एक बार में छह से सात सवारियां बैठा रहे हैं। यह सब कोविड फैलने का कारण बनेंगे।