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कोरोना नहीं तो टीबी हो सकती है सांस की दिक्कत की वजह

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Corona medicine - फोटो : अमर उजाला
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सांस रोग से पीड़ित लोगों के कोरोना निगेटिव होने पर कराई जाएगी टीबी की जांच
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सारी और आईएलआई के तहत चिन्हित निगेटिव रिपोर्ट वालों की बनाई जाएगी सूची

बरेली। सांस की दिक्कत होने के बावजूद अगर कोई कोरोना पीड़ित नहीं है तो टीबी पीड़ित हो सकता है। इसलिए अब सांस रोग वाले मरीजों की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर उनकी टीबी की जांच कराने को कहा गया है। शासन की ओर से इस संबंध में जारी निर्देशों में जिला सर्विलांस अधिकारी को सारी और आईएलआई से ऐसे मरीजों की टीबी जांच के लिए सूची बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. (मेजर) डीएस नेगी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कोविड-19 और क्षय रोग के लक्षण लगभग समान होते हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक 31 जुलाई तक जिले में सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इलनेस (एसएआरआई) और इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) के 2030 मरीज कोरोना जांच में निगेटिव मिले हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार गर्ग के अनुसार लक्षण समान होने पर संभव है कि मरीज टीबी से पीड़ित हो। लिहाजा उनकी टीबी की जांच कराने के निर्देश मिले हैं। सभी सीनियर ट्रीटमेंट लैब सुपरवाइजर और एलटी ने जांच शुरू कर दी है। शासनादेश के तहत निगेटिव रिपोर्ट वाले व्यक्तियों की सूची हर हफ्ते जिला सर्विलांस अधिकारी से लेकर उनकी बलगम की सीबीनाट से जांच कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर चेस्ट एक्स-रे और अन्य जांचें भी कराई जाएंगी।

निगरानी के लिए घर-घर जाएंगी टीमें

डॉ. गर्ग के मुताबिक, सारी और आईएलआई के वे मरीज जिनकी रिपोर्ट निगेटिव है, उनके घर टीबी यूनिट के कर्मचारी पहुंचेंगे और क्षय रोग के लक्षणों यानी बुखार, खांसी, वजन कम होने, रात में पसीना आने, कॉन्टेक्ट हिस्ट्री आदि की जानकारी लेंगे। इसके बाद उनकी जांच की जाएगी। टीबी रोग की पुष्टि होने पर उनका विवरण निक्षय पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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