फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘पुलिस की गोली से नहीं मरा तो क्या जहर देकर मारा गया मेरे बेटे को’

विज्ञापन
पुलिस को घटना की जानकारी देते करन के पिता और भाई। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
विज्ञापन

पिता ने पुलिस मुठभेड़ पर उठाए सवाल, कहा- दोपहर में ही उठा लिया था करन को
विज्ञापन

उस वक्त करन हिस्ट्रीशीटर पाताराम के भतीजे के साथ उसकी स्कार्पियों में था

बरेली। कैंट थाने के सिपाही अनिरुद्ध यादव की हत्या के आरोपी करन उर्फ छोटू यादव के पिता कृष्णपाल ने पुलिस मुठभेड़ पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने किसी बड़ी साजिश का संदेह जताते हुए कहा है कि अगर करन की मौत पुलिस की गोली से नहीं हुई तो क्या उसे जहर देकर मारा गया। पुलिस ने करन को दोपहर में ही बुखारा मोड़ से उठा लिया था। उस वक्त वह हिस्ट्रीशटर पाताराम के भतीजे के साथ उसकी स्कार्पियो गाड़ी में था। बाद में पुलिस ने पाताराम के भतीजे को गाड़ी समेत छोड़ दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री समेत कई अधिकारियों को फैक्स करके करन की हत्या का अंदेशा भी जताया था। इधर, करन की मौत पर प्रतिक्रिया होने की आशंका में बभिया गांव को छावनी बना दिया गया है।
रविवाद दोपहर बाद करन के पिता कृष्णपाल और भाई मुनेंद्र, सतीश तथा राजीव घर पर ही मौजूद थे। पिता ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को बुखारा मोड़ से दोपहर ढाई बजे ही पुलिस करन को ले गई थी। तब उसके साथ हिस्ट्रीशीटर पाताराम का भतीजा और एक अन्य युवक भी थे। पुलिस ने उन दोनों को छोड़ दिया। पाताराम के भतीजे की स्कार्पियो भी लौटा दी। करन का जब शाम तक पता नहीं लगा तो उन्हें उसके साथ अनहोनी का शक हुआ। तभी उन्होंने मुख्यमंत्री दफ्तर से लेकर कई अधिकारियों को फैक्स किए। इसमें संदेह जताया कि करन की हत्या की जा सकती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करन की मौत गोली से न होने की बात कही गई है। ऐसे में उन्हें गहरी साजिश का शक है, कहीं जहर देकर तो करन को नहीं मारा गया? वह सच्चाई सामने लाने के लिए उच्चाधिकारियों से लेकर कोर्ट तक जाएंगे। उन्होंने पुलिस पर देर से मौत की सूचना देने और गांव में ताबड़तोड़ दबिश देने का भी आरोप लगाया।

पुलिस ने ही बनाया था अपराधी

पिता का कहना था कि उनका बेटा अगर अपराधी बना तो उसके पीछे वजह भी पुलिस ही थी। जब वह नाबालिग था तभी पुलिस ने खनन और अन्य सूचनाए देने के लिए उसे अपना मुखबिर बना लिया। उसे अवैध हथियार भी मुहैया कराए। इसके बाद से ही वह अपराध करने लगा। बोले, सिपाही की हत्या भी उसने नहीं की। पुलिस टीम से गांव में फायरिंग के दौरान उसने केवल एक ही फायर किया। दूसरी ओर से पुलिस ने ही अपनी जीप को टारगेट करके कई गोलियां दागीं। जीप में ड्राइवर अनिरुद्ध यादव बैठा था, उसे गोली लगी। इस घटना के बाद पुलिस ने उन्हें और उनके चारों बेटों के अलावा कई रिश्तेदारों को नामजद कर जेल में ठूंस दिया। वे लोग जमानत पर चल रहे हैं।

अवैध खनन से गांव में बढ़े अपराध

गांव की प्रधान बिटौली देवी के पति धर्मपाल यादव भी करन के कुनबे से ताल्लुक रखते हैं। उनका कहना है कि गांव को अवैध खनन से होने वाली काली कमाई ने ही बर्बाद किया है। इसमें भी पुलिस प्रशासन के अलावा खनन विभाग के अफसर दोषी हैं। धर्मपाल के भाई बीडीसी सदस्य बहादुर सिंह यादव ने बताया कि गांव में कोई नदी या नहर नहीं है। खेतों से मिट्टी निकालकर खनन माफिया प्लॉट भरवाने का काम करते हैं। उनके आसपास के खेतों से भी इसी तरह मिट्टी उठाई जा चुकी है। उनके खेतों का भी हाल खराब है। पहले अवैध शराब ने गांव को बदनाम किया था। अब खनन का धंधा बढ़ा तो अपराध भी बढ़ते चले गए। पाताराम, करन, जगपाल जैसे कई लोग पढ़ लिखकर अच्छे इंसान बन सकते थे पर खनन के धंधे में उतरने के बाद अपराध की ओर बढ़ते चले गए।

इंस्पेक्टर ने करन समेत तीन पर कराई रिपोर्ट

कैंट इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने करन से मुठभेड़ के मामले में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट कराई है। इसमें करन के अलावा दो अज्ञात हैं। इन लोगों पर लूट की योजना बनाने और पुलिस टीम को देखकर फायरिंग करके जानलेवा हमले का आरोप है। रिपोर्ट में लिखा है कि जवाबी फायरिंग के बाद दो लोग भाग गए जबकि मौके पर करन घायल हालत में मिला। उसके पैर में घुटने के पास से खून निकल रहा था। तब उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। रिपोर्ट में गोली लगने और मौत होने का जिक्र नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस टीम ने बिल्कुल सही कार्रवाई की है। सिपाही अनिरुद्ध यादव की हत्या का आरोपी करन उर्फ छोटू चर्चित अपराधी था और हाल की कई मुठभेड़ में पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उसने टोकने पर फायरिंग की, इसके बाद वह गिर पड़ा। उसकी मौत की सही वजह विसरा परीक्षण से पता लग पाएगी। फर्जी एनकाउंटर वाली बातें बेबुनियाद हैं। - शैलेश पांडेय, एसएसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें