मस्तिष्क में पानी भरने की समस्या (हाइड्रोसिफेलिस) से जूझ रहे आठ माह के बच्चे का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत निशुल्क इलाज हुआ। जन्म के बाद परिवार ने बच्चे को रोगमुक्त बनाने का प्रयास किया, पर आर्थिक तंगी आड़े आ गई।
आरबीएसके मैनेजर डॉ. पारस गुप्ता गुप्ता के मुताबिक, नियमित जांच के दौरान बरेली के नवाबगंज क्षेत्र के गांव कचनारी निवासी रामेश्वर दयाल के आठ माह के बेटे पंकज के हाइड्रोसिफेलिस रोग से पीड़ित होने का पता चला। दिमाग में पानी भरने से सिर काफी बड़ा हो गया था। प्राथमिक जांच में रोग की पुष्टि के बाद सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने योजना के तहत ऑपरेशन पर सहमति जताई।
सैफई के निजी मेडिकल कॉलेज में संपर्क किया। वहां ऑपरेशन की तिथि निर्धारित होने के बाद पिछले माह बच्चे को भेजा गया। आवागमन, ठहरना, इलाज सब निशुल्क हुआ। ऑपरेशन के बाद कुछ दिन तक बच्चा डॉक्टर की निगरानी में रहा। सभी जांच सामान्य मिलने पर डिस्चार्ज किया गया। बच्चा अब स्वस्थ है। निजी अस्पताल में ऑपरेशन कराने करीब एक लाख रुपये तक खर्च होता है।
इन दोषों का होता है मुफ्त इलाज
आरबीएसके के नोडल डॉ. पवन कपाही के मुताबिक, बच्चों में जन्मजात दोष, बीमारी, कमियों, विकास में देरी का पता लगाकर सर्जरी आदि इलाज निशुल्क होते हैं। इसमें जन्मजात दिल में छेद, कोक्लियर इंप्लांट, अंधापन, रेटिना विकार, कटे होंठ, तालू, क्लब फुट, हिप डिसप्लेसिया, फंगल इन्फेक्शन, एक्जिमा, कान की समस्या, रिएक्टिव एयरवेज, दांतों से जुड़ी समस्या, एनीमिया, कुपोषण, थॉयराइड व अन्य दोष शामिल हैं।