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विमको में न घुसने देने पर श्रमिकों का हंगामा

Sat, 24 Jan 2015 01:13 AM IST
बरेली
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विमको फैक्ट्री में ताला लगाकर अंदर  जाने से रोके गए कैजुअल श्रमिकों ने पूरे दिन गेट के बाहर जमकर नारेबाजी की और हंगामा काटा। कुछ कर्मचारी बाउंड्री फांदकर फैक्ट्री में घुस गए और प्रबंधन से नोक-झोंक हुई। बरेली-दिल्ली हाईवे पर जाम लगाने की कोशिश की गई। देर शाम दो दिन बाद फिर से वार्ता का आश्वासन मिलने के बाद ही प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को गेट से बाहर निकलने दिया गया। रात में प्रबंधन क ी ओर से अज्ञात श्रमिकों के खिलाफ बाउंड्रीवाल फांदकर फैक्ट्री के अंदर प्रवेश कर धमकाने की तहरीर थाना सीबीगंज में दे दी गई है। दूसरी ओर फैक्ट्री बंद करने के खिलाफ श्रमिकों की भूख हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही।
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रोजाना की तरह शुक्रवार को सुबह कैजुअल श्रमिक फैक्ट्री के अंदर काम के लिए गेट पर पहुंचे तो उनको घुसने नहीं दिया। यह जानकारी अन्य कर्मचारियों को हुई तो उन्होंने मुख्य द्वार और कालोनी के सभी गेटों को घेर लिया और जमकर नारेबाजी की गई। यह सिलसिला पूरे दिन चलता रहा । देर शाम प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने सीढ़ी लगाकर बाउंड्री फांदने का प्रयास किया लेकिन विरोध के चलते उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाई। श्रमिकों का कहना है कि उन्हें सम्मानजनक वीआरएस पैकेज मिले, तभी वह फैक्ट्री से निकलने देंगे।
प्रबंधन का कहना है कि 668 कर्मचारियों को पहले ही वीआरएस दे दिया गया है। कै जुअल श्रमिकों का पैकेज तय न होने के कारण वह ड्यूटी पर आ रहे थे। हालांकि प्रबंधन ने उनके लिए भी पैकेज तय किया है, जिसे श्रमिक मानने को तैयार नहीं हैं। श्रमिकों की हंगामे की जानकारी पर सीबीगंज के इंसपेक्टर देवेंद्र सिंह और सीओ भी पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। उस समय श्रमिक बरेली - दिल्ली हाईवे जाम कर रहे थे। पुलिस के समझाने पर उन्होंने हाईवे को जाम करने का फैसला टाल दिया। दोपहर में प्रबंधन की ओर से कैजुअल श्रमिकों की वार्ता भी हुई, जिसमें कहा कि शाम पांच बजे तक मुख्यालय से मिलने वाले निर्देंशों की जानकारी दे देंगे। लेकिन मुख्यालय से कोई निर्देश नहीं आया।  वार्ता के दौरान प्रमुख रूप से मोहम्मद माजिद, शैलेंद्र कुमार, ओम प्रकाश अशोक तिवारी आदि थे।
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हड़तालियों की हालत बिगड़ी
भूख हड़ताल के सातवे दिन श्रमिकों के समर्थन में बैठे प्रयांगी गंगवार के पिता राजेश गंगवार की हालत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी गई लेकिन वह उपचार के लिए अस्पताल नहीं पहुंचे। भूख हड़ताल पर श्रमिकों के समर्थन में ब्रह्मानंद गांधी, जवाहर लाल आदि बैठे।

डीएम के यहां  वार्ता को नहीं पहुंचे श्रमिक
फैक्ट्री के गेट पर श्रमिकों के हंगामे की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन गंभीर हुआ। डीएम ने विमको प्रबंधन और श्रमिकों की बैठक बुलाई। इस बैठक में प्रबंधन की ओर से कुछ अधिकारी पहुंचे लेकिन कैजुअल श्रमिक नहीं गए । 
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