बरेली। एसटीएफ के हाथ लगे गुड्डू वारसी गिरोह के वाहन चोरों का नेटवर्क यूपी से बाहर भी कई प्रदेशों में फैला है। वह फर्जी एनओसी से चोरी के सौ से ज्यादा ट्रकों को खपा चुके थे। बहेड़ी का एक कबाड़ी इन वाहनों को कटवाकर बीमा की रकम दिलाने में मदद करता था। स्थानीय परिवहन कार्यालय के दो दलाल भी गिरोह से जुड़े थे।
एसटीएफ के हाथों पहले भी गुड्डू वारसी का गिरोह लग चुका है, लेकिन गुड्डू को पुलिस नहीं पकड़ सकी है। इस बार भी गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में बताया कि गुड्डू के कहने पर वह चोरी के वाहनों पर एक्सीडेंटल, टोटल लॉस वाले वाहनों के इंजन नंबर व चेसिस नंबर खोद देते हैं। फिर मणिपुर, राजस्थान, हरियाणा, नागालैंड, पंजाब व अन्य राज्यों से फर्जी एनओसी तैयार कर आरटीओ कार्यालय में मिलीभगत से रजिस्टर्ड कराकर मोटी रकम में बेच देते हैं। ये लोग कुछ ट्रकों को अपने पास रख लेते हैं। कुछ समय बाद इन वाहनों को बहेड़ी के अपने कबाड़ी दोस्त से कटवाकर उनकी चोरी की रिपोर्ट पंजीकृत कराते हैं। फिर बीमा कंपनियों से बीमा क्लेम की रकम लेने का कारोबार करते हैं। इन लोगों ने बताया कि अब तक 100 से अधिक वाहनों को ऐसे ही बेच चुके हैं। स्थानीय परिवहन कार्यालय के दो दलाल गौतम और निखिल का नाम भी आरोपियों ने अपने मददगार के रूप में लिया। पुलिस ने उन्हें भी मुकदमे में नामजद किया है। निखिल व रोहित का नाम इस तरह के मामले में पहले भी आ चुका है। एसटीएफ सीओ अब्दुल कादिर के अनुसार फरार सरगना गुड्डू वारसी पर प्रदेश के कई थानों में दो दर्जन से अधिक वाहन चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। सरगना गुड्डू वारसी की तलाश की जा रही है।