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Bareilly News: कैसे मिले बेहतर इलाज... चिकित्सक आधे, जिम्मेदारी दो अस्पतालों की

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बरेली। बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए संचालित 300 बेड अस्पताल से मरीजों को मामूली राहत मिली, लेकिन दर्द कई गुना बढ़ गया। इधर, पहले ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल पर भी एक और बोझ बढ़ गया। नतीजा, मरीज जांच और इलाज के लिए चक्कर काट रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार जिला अस्पताल में 42 विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्वीकृत पद हैं, लेकिन तैनाती महज 23 विशेषज्ञों की है। इनमें से दंत रोग, नेत्र रोग और चर्म रोग के विशेषज्ञ तीन सौ बेड अस्पताल में ओपीडी में मरीजों को देख रहे हैं। इधर, जिला अस्पताल में निजी मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु जूनियर डॉक्टरों के सहयोग से ओपीडी का संचालन हो रहा है। जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे रहे नेत्र रोग, चर्म रोग और दंत रोग के मरीजों को तीन सौ बेड अस्पताल भेजा जा रहा है। यहां लैब है पर जांच के लिए जरूरी रसायन यानी रिजेंट ही नहीं हैं। लिहाजा, मरीजों को वापस जिला अस्पताल भेजा जाता है। दूसरी ओर, सीटी स्कैन यूनिट तीन सौ बेड अस्पताल में है पर दुर्घटनाग्रस्त गंभीर मरीज जिला अस्पताल पहुंचते हैं। जिन्हें जांच के लिए वापस भेजा जाता है। दोनों ही अस्पतालों में आईसीयू संचालित नहीं है। मरीज रेफर हो रहे हैं।

सवालों के घेरे में उपमुख्यमंत्री का आश्वासन
कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में तीन सौ बेड अस्पताल का संचालन शुरू हुआ। दो साल बाद महामारी थमने पर खाली पड़े अस्पताल में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ओपीडी संचालन का निर्देश दिया। आश्वासन था कि चिकित्सक, स्टाफ भर्ती होंगे। हालांकि, डेढ़ वर्ष बाद भी तैनाती का कोई पत्र जारी नहीं हुआ। जिला अस्पताल के दंत रोग, चर्म रोग, नेत्र रोग विशेषज्ञ, फिजिशियन, फार्मासिस्ट सेवाएं दे रहे हैं।
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धूल फांक रहे तीन सौ बेड पहुंचे दो वेंटिलेटर
जिला अस्पताल में धूल फांंक रहे एमएलसी वसीम बरेलवी की निधि से मिले दो वेंटिलेटर के उपयोग की उम्मीद कोरोना महामारी के दौरान जगी। यह वेंटिलेटर तीन सौ बेड अस्पताल भेजे गए पर विशेष चिकित्सक के अभाव में यहां भी धूल फांक रहे हैं। जबकि कोरोना महामारी के दौरान वेंटिलेटर संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक टेक्नीशियन संविदा पर रखने का निर्णय लिया था।

...और तीन सौ बेड अस्पताल में इतनी सुविधाएं
तीन सौ बेड अस्पताल में 35 बेड के आईसीयू में पीएम केयर फंड से मिले 33 वेंटिलेटर बेड, दो जिला अस्पताल से मिले वेंटिलेटर बेड, 13 एचएफएनसी, ऑक्सीजन प्लांट, जेनरेटर, पानी की टंकी, किड्स वार्ड, डिलीवरी ओटी आदि हैं। सुपर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल की तर्ज पर तीन सौ बेड अस्पताल संचालन के लिए मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, सीएमओ प्रयासरत हैं, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकला। ब्यूरो
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जिला अस्पताल एक नजर में
- प्रतिदिन 1300 मरीजों की ओपीडी, 90 इमरजेंसी
- प्रतिदिन 250 सैंपलिंग, सात हजार अन्य सैंपल की जांच
- कुल 325 बेड, 86 ऑक्सीजन बेड, 25 एनएचएम के अधीन
- चार बेड की ओटी, मेल, फीमेल, पेइंग और बच्चा वार्ड
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