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कैैसे आबाद हो ट्रांसपोर्टनगर, मैकेनिक प्लाट लेने को तैयार नहीं

Wed, 27 Sep 2017 02:14 AM IST
बरेली।
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ट्रांसपाोटऱ्र्ट नगर
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ट्रांसपोर्टनगर को आबाद करने की एक बार नहीं, कई बार बड़े अफसर कोशिश कर चुके हैं। ट्रकों के शहर में सड़कों के किनारे खड़े होने पर पाबंदी भी लगा चुके हैं। ट्रांसपोर्टर्स से कई दौर में वार्ता भी हो चुकी है लेकिन नतीजा सिफर ही रहा है। पिछले दिनों तत्कालीन डीएम डॉ. पिंकी जोवेल ने ट्रांसपोर्टनगर को आबाद करने की कोशिश की तो लगा कि अब सार्थक परिणाम सामने आएंगे। बीडीए और प्रशासन के अधिकारी भी सक्रिय दिखाई देने लगे। मैकेनिकों में जोश दिखा। डॉ. जोवेल के तबादलेे के बाद डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने इस मुहिम को आगे बढ़ाया और ट्रांसपोर्टनगर में बीडीए के प्लाटों की बुकिंग खुलवा दी। 15 सितंबर से मैकेनिकों के लिए प्लाटों की बुकिंग खुली है, लेकिन अब तक एक भी मैकेनिक ने प्लाट की बुकिंग नहीं कराई है। 
इसी साल कई बार मैकेनिकों के प्लाटों को लेकर अफसरों के साथ व्यापारी नेताओं की बात हुई। टीपीनगर जाने पर मैकेनिक प्लाट दिलाने की मांग करते हुए उन्हें घेर लेते थे। व्यापारी नेताओं का दावा था कि बीडीए उन्हें करीब साढ़े चार सौ प्लाट देगा तभी सबका भला हो सकता है। बीडीए के अधिकारियों ने मैकेनिकोें से छोटे प्लाट देने का वादा भी किया, लेकिन इसे पूरा नहीं किया। अब 84 प्लाटों के लिए बुकिंग खोल दी गई है। बुकिंग खुले दस दिन गुजर गए हैं लेकिन अभी तक किसी मैकेनिक ने प्लाट बुक नहीं कराया है। बीडीए उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार का कहना है कि 30 सितंबर तक मैकेनिकों के पास प्लाट बुक कराने का मौका है। इसके बाद पुलिस की मदद से अवैध रूप से टीपीनगर में रह रहे मैकनिकों को वहां से हटा दिया जाएगा। 
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बीडीए एक प्लाट की बुकिंग पर 13800 रुपये ले रहा है। हमने 20 मीटर के प्लाट बनाने को कहा था। ताकि सभी मैकेनिकों को बैठने के लिए जगह मिल जाए, लेकिन बीडीए ने प्लाट छोटे ही नहीं किए। 40-50 मीटर के प्लाट लेने की मैकेनिकों की हैसियत नहीं है। बीडीए प्लाट छोटे कर ले तो बुकिंग होनी शुरू हो जाएगी।
 - सौरभ सक्सेना, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
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