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UP: बरेली में हनीट्रैप गैंग की सरगना गिरफ्तार, कई लोगों को किया ब्लैकमेल, डॉक्टर ने कर ली थी खुदकुशी

Thu, 26 Dec 2024 06:04 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

Bareilly News: हनीट्रैप गैंग की सरगना ममता दिवाकर उर्फ मधु अपने साथियों के साथ मिलकर अमीर लोगों को जाल में फंसाती थी। फिर हनीट्रैप के जरिए उनसे वसूली करती थी। इसी तरह एक युवक को ब्लैकमेल किया गया था। 
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आरोपी ममता दिवाकर उर्फ मधु - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में पुलिस ने हनीट्रैप गैंग की सरगना ममता दिवाकर उर्फ मधु को डोहरा रोड पुल से गिरफ्तार कर लिया। उसने अपने गैंग के साथ मिलकर शहर के कई लोगों को ब्लैकमेल किया। अश्लील वीडियो बनाकर उनसे मोटी रकम वसूली। उसके जाल में फंसे एक डॉक्टर ने अपनी जान तक दे दी थी। इस मामले में ममता जेल भी जा चुकी है। जेल से बाहर आने पर उसने लोगों को फिर फंसाना शुरू कर दिया था। अप्रैल में उसने अपने गैंग के साथ मिलकर युवक से रुपये वसूले थे।

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युवक ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट 
नवाबगंज के शाहपुर निवासी पीड़ित युवक ने तीन अप्रैल को थाना बारादरी में तहरीर दी थी। उसने बताया था कि ममता दिवाकर ने अपने साथियों रीना उर्फ शीतल, माधुरी और सत्यवीर ने उसे जाल में फंसाया। ममता ने कॉल कर उसे रीना के कमरे पर बुलाया, जहां आरोपियों ने कोल्डड्रिंक में नशा देकर उसे बेहोश कर दिया और निर्वस्त्र कर रीना के साथ उसके अश्लील फोटो व वीडियो बना लिए। इसके बाद उसे ब्लैकमेल किया। न्यायालय के आदेश पर बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।

अमीर लोगों को फंसाती थी 
बारादरी थाना पुलिस ने बुधवार रात मुखबिर की सूचना पर डोहरा रोड पुल से आरोपी ममता दिवाकर को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक ममता दिवाकर बेहद शातिर है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर अमीर लोगों को हनीट्रैप के जरिए ब्लैकमेल करती है। इसी तरह आरोपियों ने डॉक्टर को ब्लैकमेल किया था। युवक के मामले में रीना पाल, माधुरी और सत्यवीर भी नामजद हैं। इन आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। 
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खाकी को भी बना चुके हैं शिकार
हनी ट्रैप गिरोहों के शिकंजे में कई पुलिस वाले भी फंस चुके हैं। यही नहीं पुलिस की मिलीभगत भी सामने आ चुकी है। परसाखेड़ा के एक उद्यमी को हनीट्रैप में फंसाकर किला चौकी इंचार्ज वसूली की कोशिश कर रहा था। एसएसपी के आदेश पर चौकी इंचार्ज और सिपाही समेत कथित पत्रकारों पर किला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 

करगैना के एक रिटायर्ड दरोगा को फंसाकर हनी ट्रैप गिरोह ने खुद को सीबीआई अफसर बताते हुए रुपये ऐंठ लिए थे। मुरादाबाद के ट्रेनी दरोगा को भी जाल में फंसाकर पचास लाख रुपये मांगे गए थे। रुपये नहीं देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। दरोगा के पिता ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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