ये था मामला
एक युवती ने डॉ. अमरेंद्र चौहान को मां के इलाज के बहाने घर बुलाकर अश्लील हरकतें कीं और गैंग के अन्य गुर्गों ने उन्हें फंसा दिया। उन्हें धमकाकर रुपये ऐंठे। डॉक्टर ने सुभाषनगर थाने में तहरीर दी। वहां कार्रवाई न होने पर कोर्ट गए। कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हो गई पर कुछ दिनों बाद शर्मिंदगी की वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली।
उनकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी। नाबालिग बेटियां केस लड़ने की स्थिति में नहीं थीं। तब तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाने और अन्य दोषियों को नामजद करने का निर्देश दिया। तत्कालीन सुभाषनगर इंस्पेक्टर ने एक युवती समेत दो लोगों को जेल भेज दिया था।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि डॉक्टर की मौत के मामले में प्राथमिकता से कार्रवाई कराई जाएगी। जो आरोपी जेल नहीं गए हैं, उन्हें भी जेल भेजा जाएगा।