कई जगहों पर लोगों ने पंडितों को बुलाकर मंत्रोच्चारण के साथ पूजन कराकर होलिका दहन किया। होलिका दहन के बाद लोगों ने सुख, समृद्धि के लिए जौ, चने, गन्ने आदि चढ़ाए। कुछ जगहों पर परंपरा के अनुसार भोर में भी होलिका दहन किया जाना है। कालीबाड़ी, सिकलापुर, गंगापुर, साहूकारा, आलमगीरी गंज, बिहारीपुर और पुराना शहर कई इलाकों में होली का भारी उत्साह रहा।